मेरठ में कोर्ट से जेल भेजे गए बंदी को पुलिसवाले जेल ना ले जाकर कैंटीन ले गए। वहां बंदी के परिजन भी आ गए। जमकर पार्टी चली। अफसरों की जानकारी में मामला आने के बाद सिपाही को सस्पैंड कर दिया गया और एक होमगार्ड को बर्खास्त करने की निर्देश दिए गए हैं।
यह बंदी खरखौदा थानाक्षेत्र के छतरी गांव का प्रवेंद्र कुमार है। गांव में प्रधानी चुनाव के विवाद में प्रवेंद्र जेल काट चुका है। तारीख पर न जाने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया। जिस पर खरखौदा पुलिस ने प्रवेंद्र को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया था। थाने में तैनात सिपाही संजय कुमार और होमगार्ड ने उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने प्रवेंद्र को जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिसकर्मी बंदी को कचहरी से टेंपो में लेकर जेल की तरफ चले। लेकिन पुलिस लाइन के सामने बनी कैंटीन में उसे उतार लिया। कैंटीन में बंदी के परिजन भी मौजूद थे। कैंटीन से चाय, लस्सी तो कभी समोसे का लुत्फ उठाया गया, बंदी को यहां खुला छोड़ दिया। पुलिसकर्मियों और बंदी की पार्टी को देखकर कैंटीन में बैठे एक दरोगा ने एतराज भी जताया, इसलिए दरोगा की एक नहीं सुनी। मीडिया पहुंची तो पुलिसवाले बंदी को लेकर टेंपो में बैठे तो उसके बाद टेंपो जेल जाकर ही रुका। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने सिपाही संजय को सस्पेंड किया है।
मामला बेहद गंभीर
आईजी रेंज रामकुमार का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। इस मामले में कप्तान से रिपोर्ट मांगी जाएगी। बंदी के प्रति पुलिस का मोह कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
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