मेरठ। पीएफ घोटाले के विरोध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। पीवीवीएनएल के सभी जूनियर इंजीनियर कार्य बहिष्कार कर ऊर्जा भवन पर पहुंचे और यहां धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जूनियर इंजीनियरों को संविदा-निविदा लाइनमैनों के अलावा ऑफिस स्टाफ का भी समर्थन मिला। जूनियर इंजीनियरों और लाइनमैनों के कार्य बहिष्कार का असर शहर से लेकर गांव तक की बिजली आपूर्ति पर पड़ा जिससे लोग परेशान रहे। यह कार्य बहिष्कार शनिवार शाम पांच बजे तक चलेगा।
दरअसल यूपीपीसीएल में हुए 2268 करोड़ रुपये के पीएफ घोटाले को लेकर प्रदेश के 45 हजार बिजलीकर्मी आंदोलनरत है। संगठन नेता अरविंद बिंद ने कहा कि बिजली कर्मियों के पीएफ का पैसा निजी कंपनी में लगाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और सरकार कर्मचारियों का पीएफ लौटाए। संगठन अध्यक्ष आरएस गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न ट्रस्टों में संचित धनराशि रखने का श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए। धरने पर जयवीर सिंह, साहब सिंह, अजित सिंह, प्रवीन कुमार, कंवरपाल, धर्मेंद्र, आशुतोष शर्मा, विपुल कांबोज, प्रदीप डोगरा आदि मौजूद रहे।
बेटरी हो रही बिजली
अवर अभियंताओं के कार्य बहिष्कार के चलते शहर की बिजली बेपटरी हो रही है। समर्थन के चलते संविदा लाइनमैन भी पूरी मेहनत से फाल्ट अटैंड नहीं कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी लिसाड़ी गेट, विकासपुरी, लेडीज पार्क, नौचंदी, पुराना आरटीओ, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड, पुराना आरटीओ, एमईएस, अम्हैड़ा, मेडिकल, हापुड़ रोड आदि बिजलीघर क्षेत्र में फाल्ट देरी से अटैंड हुए। लोग बिना बिजली परेशान रहे।