गांव-गांव वैक्सीन पहुंचाएगा डाक विभाग
बिजनौर। केंद्र सरकार इस बार गांवों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों तक वैक्सीन को पहुंचाने के लिए डाकघर के नेटवर्क का इस्तेमाल करने जा रही है। शासन के निर्देश पर डाक विभाग ने गांवों के सरकारी अस्पतालों की डाकघर से दूरी का नक्शा, वैक्सीन की कोल्ड-चेन मेंटेन करने और उसे एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की तैयारियों का खाका खींचकर सरकार को भेज दिया है।
एक मार्च से आम जनता को भी एंटी कोविड वैक्सीन लगाकर प्रतिरक्षित करने का काम शुरू हो चुका है। जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण चल रहा है। शासन की मंशा है कि सभी लोगों तक वैक्सीन पहुंचे। अब गांवों में स्थित प्राथमिक और उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के लिए वैक्सीन पहुंचाने की तैयारी है, जिससे गांवों में भी टीकाकरण शुरू हो सके। बरेली रीजन के जनरल पोस्टमास्टर के निर्देश पर इस क्षेत्र के लगभग 15 जिलों में स्थित डाकघर की शाखाओं की मैपिंग की गई है। इसमें शाखा से नजदीकी सरकारी अस्पताल की दूरी और शाखा से जुड़े गांवों की संख्या की जानकारी शासन को भेज दी गई है। संवाद
विभाग करेगा कोल्ड-चेन मेंटेन
डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन में कई बिंदुओं का खास ख्याल रखना है। सबसे बड़ी समस्या कोल्ड-चेन मेंटेन करने की है। इसके लिए वैक्सीन को थर्माकोल के बॉक्स में रखा जाएगा। इस बॉक्स की खासियत ये है कि इसमें तापमान नियंत्रित रहता है। जरूरत पड़ने पर ड्राई आइस (बर्फ के टुकड़ों) का प्रयोग किया जाएगा, जिससे निर्धारित तापमान दो से आठ डिग्री सेल्सियस बना रह सके।
इस तरह की जाएगी व्यवस्था
सड़क मार्ग से थर्माकोल के बॉक्स को संबंधित डाकघर फिर वहां से डाकियों के जरिए संबंधित अस्पताल पहुंचाया जाएगा। हर जिले में वैक्सीन की ढुलाई के लिए अलग-अलग गाड़ियां रहेंगी, जिससे कि तय समय में ही वैक्सीन की डिलीवरी अस्पताल पर की जा सके। इसके लिए बरेली रीजन में ही करीब 60 गाड़ियां लगेंगी।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में पहले से जुड़ा है डाक विभाग
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में डाक विभाग पहले से स्वास्थ्य विभाग की मदद कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों से टीबी के मरीजों के बलगम का नमूना (स्पुटम) जांच केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग की ही है। इसे डाकिये बखूबी अंजाम दे रहे हैं। आज तक एक भी शिकायत नहीं मिली है कि किसी डाकघर से कोई सैंपल संबंधित अस्पताल तक न पहुंचा हो। इस अनुभव का फायदा सरकार वैक्सीन वितरण में उठाना चाहती है।
-कोरोना वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए शासन को डाक विभाग से बेहतर विकल्प नहीं मिलेगा। हम शासन के हर निर्देश का पालन करने को तैयार हैं। हर वॉयल को सुरक्षित तरीके से संबंधित अस्पतालों में पहुंचवाया जाएगा।
राधेश्याम शर्मा
डाक अधीक्षक, बिजनौर