संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। राष्ट्रीय जाटव महासंघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत उन्हें एडीजी मेरठ जोन को अनुसूचित जाति की छात्रा हत्याकांड के संबंध में ज्ञापन सौंपना था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। महासंघ का कहना है कि पुलिस ने कई पदाधिकारियों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया, जिससे वे एडीजी से मुलाकात नहीं कर सके।
महासंघ के पदाधिकारी संजीव चिरौड़ी ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से छात्रा हत्याकांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई तथा मामले में कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई जानी थी। संगठन का कहना है कि यदि भविष्य में भी इसी प्रकार का रवैया अपनाया गया तो समाज व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।-