बहसूमा। सुनील उर्फ गाबा की दिनदहाड़े तीन गोलियां मारकर हत्या करने वाले आरोपी प्रदीप धीमान ने गिरफ्तारी से पहले पुलिस को खूब छकाया। बृहस्पतिवार सुबह फलावदा के जंगलों में करीब 40 मिनट तक पुलिस उसे घेरकर खड़ी रही। प्रदीप अपने हाथों में तीन तमंचे लिए खड़ा था। वह पुलिस को धमकाता रहा और पुलिसकर्मी यार-यार करते हुए समझाते रहे। आरोपी बार-बार खुद को गोली मारने की बात कह रहा था और उसने सीओ मवाना पर तमंचा भी तान दिया था। ऐसे में पुलिस को डर था कि कहीं आरोपी गोली न चला दे इसलिए पुलिस उसकी सभी शर्तें मानती रही। इस दाैरान पुलिस ने उससे खाने के बारे में भी पूछा। उसे बोतल देकर पानी पिलाया। यहां तक कि बीड़ी भी पीने को दी। आरोपी ने पुलिस के सामने बैठकर ही आराम से बीड़ी पी। लंबे ड्रामे के बाद प्रदीप खुद जाकर पुलिस की जीप में बैठ गया। तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
पुलिस और प्रदीप के बीच ये हुई बातचीत
प्रदीप : मेरी डेढ़ साल से किसी पुलिस वाले ने कोई मदद नहीं की है।
सीओ : मैं सीओ मवाना हूं। एसपी देहात आ रहे है।
प्रदीप : कानून कोई मदद नहीं करता हैं, डेढ़ साल में क्या खाक मदद की है। कप्तान साहब को बुलाओ।
प्रदीप : ओ सुन ले उस्ताद, तुम तो मेरा हाफ मर्डर करोगे मैं अपना खुद फुल मर्डर करूंगा। एसपी देहात के साथ ही जाऊंगा। रामराज से कौन है।
पुलिसकर्मी : हम खड़े हैं तेरे साथ, हमारी कोई लड़ाई नहीं है।
प्रदीप : पुलिस ने मेरी एक-एक हड्डी तोड़ रखी है, मैं एसपी देहात के साथ ही जाऊंगा।
दूसरा पुलिसकर्मी: शांत हो जा, कप्तान साहब आ रहे हैं।
तीसरा पुलिसकर्मी: अरे हम पे विश्वास तो कर यार।
प्रदीप धीमान: मुझे सब पता है कि रायफल लिए पुलिस वाले खड़े हैं।
पुलिसकर्मी: रायफल हमें भी तो लग सकती हैं, हटा दें क्या रायफल को।
Iइस बातचीत के बीच पुलिस वाला दूर से ही पानी की बोतल उछालकर प्रदीप को देता है। प्रदीप बोतल को लपक लेता है और आराम से ढक्कन खोलकर पानी पीता है। उसके हाथ में तमंचा और दूसरे में पानी की बोतल होती है।I
पुलिसकर्मी : अबे तेरे से कोई लड़ाई थोड़ी है पुलिस की यार। तू क्यों परेशान है।
प्रदीप: मैं यूं परेशान हूं कि एक-एक हड्डी तोड़ रखी पुलिस ने मेरी।
पुलिसकर्मी: देख उस समय क्या स्थिति थी, हमें नहीं पता। लेकिन आज तुझसे हम कह रहे हैं।
Iइसके बाद प्रदीप आराम से खेत में बैठकर बीड़ी पीता है।I
पुलिसकर्मी: खाना खाया तूने या नहीं। तेरी मां को थाने से ही छोड़ देंगे, खाना खाना है तो बता। कोई बात नहीं, पी ले बीड़ी आराम से। हमने कह दी जो फाइनल है तो फाइनल है। तीसरा तमंचा भी फेंक दे। कोई तुझे हाथ नहीं लगाएगा। मैंने तिलक लगा रखा है झूठ बोलूंगा नहीं।
Iबीड़ी पीकर प्रदीप धीमान खुद ही पुलिस की जीप में बैठ जाता है।I
ये बोले एसएसपी
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि आरोपी ने हत्या करने के बाद जुर्म कबूलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। परिवार को परेशान करने वाले पुलिस वालों की भी हत्या करने की धमकी दी थी। पुलिस ने उसे फलावदा के जंगल से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखते ही उसने तमंचा तान दिया। मगर पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर उसे धर दबोचा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके परिवार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ये है मामला..
मेरठ जनपद के बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज कस्बे में दिनदहाड़े गोलियां मारकर सुनील उर्फ सुरेंद्र उर्फ गाबा की हत्या कर दी गई। सुरेंद्र डेढ़ साल पहले हत्यारोपी प्रदीप धीमान की पत्नी पूनम को अपने साथ ले गया था। डेढ़ साल से वह उसी के साथ रह रहा था। रामराज के ही मोहल्ला जग जीवनपुरी निवासी सुनील (28) पुत्र कश्मीर बुधवार दोपहर करीब 1:34 बजे रामराज के बाजार से गुजर रहा था। तभी फलावदा निवासी प्रदीप धीमान आया और सुनील को कमर, कनपटी समेत तीन गोलियां मारीं। इसके बाद वह हथियार लहराते हुए फरार हो गए। खून से लथपथ सुनील गिर पड़ा। बाद में पुलिस उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई जहां पर उसको मृत घोषित कर दिया गया।
वीडियो वायरल कर दी थी धमकी
रामराज में सुनील उर्फ सुरेंद्र उर्फ गाबा की हत्या करने के बाद प्रदीप धीमान ने भागते हुए वीडियो बनाकर धमकी दी। उसने कहा, मुझे मौत की परवाह नहीं है, जो घर से भागेगी, उसका ऐसा ही अंजाम होगा। जिसने मुझे दुख दिया था, उसे अभी मारकर आया हूं। पुलिस-प्रशासन से नहीं डरता। प्रशासन ने अगर भागने वाली औरतों के खिलाफ कदम नहीं उठाया तो ऐसे ही मरेंगी, ऐसे ही मरेंगी। और जिसने भी मेरे घर-परिवार वालों को परेशान किया। जिसकी बीवी भागे मुझे बताओ मैं मारूंगा। चार मिनट का यह वीडियो हत्यारोपी प्रदीप ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने सुनील के घर रह रही आरोपी की पूर्व पत्नी को सुरक्षा में ले लिया।
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मेरे सिर पर मौत मंडरा रही है, उसे भी मारूंगा
आरोपी ने कहा कि मेरे सिर पर मौत मंडरा रही है। ये रहा ढाई मीटर का कफन मेरे हाथ में। उसने सुनील के लिए कहा आज मिला था मुझे डेढ़ साल में। आज मार दिया मैंने भाई साहब। उसने पत्नी के लिए बिना नाम लिए कहा कि मैं छोड़ूंगा नहीं उसे। इसे मार दिया, उसे भी मारूंगा। अकेला हूं और मेरी मोटरसाइकिल ये है, मैं अकेला हूं। मैं खुद गवाह हूं, मैंने खुद मारा है।
एसओ हो, दरोगा हो....मारूंगा उसे भी
आरोपी ने धमकी देते हुए कहा था कि मैं झूठ नहीं बोल रहा, मेरी तो मौत है। जो भी मेरे घर-परिवार वालों को परेशान करेगा। थाना फलावदा हो, थाना बहसूमा हो, थाना हस्तिनापुर हो... भाई साहब मारूंगा। ... एसओ को भी और दरोगा अनिल कुमार को भी। एक और है मैं उसका नाम नहीं ले रहा, मारूंगा उसको भी। वीडियो मैं वायरल कर रहा हूं। अभी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर। मेरी इंस्टाग्राम आईडी है मौत का खौफ 302