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Meerut News: बारह सौ साल की परंपरा को संजोए हैं खरखौदा के लोग

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आज से शुरू होगा रासलीला का मंचन, इस साल मोहल्ला रास पर है आयोजन की जिम्मेदारी
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1200 वर्ष पूर्व क्षेत्र में आई थी प्राकृतिक आपदा
तभी से होता है इसका आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। 1200 वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ते हुए खरखौदा कस्बा में सोमवार से रासलीला का मंचन शुरू होगा। लीला का शुभारंभ तख्त निकालकर किया जाएगा।
कस्बावासियों का कहना है कि यह परंपरा 1200 वर्षों से लगातार चली आ रही है। पहले कस्बे में गठित एक कमेटी द्वारा ही इस रासलीला का आयोजन किया जाता था लेकिन धीरे धीरे इसकी जिम्मेदारी तीन मोहल्लों पर आ गई, जिसमें मोहल्ला रास, मोहल्ला महल व मोहल्ला बिचपटिया है। प्रत्येक मोहल्ले को लगातार तीन वर्षों तक रास के आयोजन की जिम्मेदारी दी जाती है। इस समय यह जिम्मेदारी मोहल्ला रास पर है। इस आयोजन कमेटी के अध्यक्ष अरविंद त्यागी व कोषाध्यक्ष संदीप त्यागी हैं।
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कस्बा के बुजुर्गों का कहना है कि करीब 1200 वर्ष कस्बे में एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा डंडा मारने से संरक्षित पशु की मौत हो गई थी। जिस कारण कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में कई प्राकृतिक आपदाएं आई थी। इन आपदाओं से छुटकारा पाने के लिए नगरवासियों ने कई महात्माओं से इसके उपाय के बारे में पूछा तो महात्माओं ने रासलीला के आयोजन का सुझाव दिया। उसी समय से मथुरा से रास मंडली बुलाकर रास लीला का आयोजन किया जाता है।
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नवरात्रों के बाद आने वाली चतुर्दशी के दिन शाम के समय तख्त के रूप में यात्रा निकाली जाती है। यात्रा में राधा कृष्ण सहित अन्य झांकियां भी होती हैं। इस रासलीला में यात्रा के बाद दही लूट सहित अन्य लीलाओं का मंचन होता है। इस दिन कस्बे में प्रत्येक घर मिठाई बनती है। घर में बनी मिठाई का भोग राधा कृष्ण को लगते हैं। खरखौदा में नगर वासियों के सगे संबंधी व रिश्तेदार भी इस आयोजन में पहुंचते हैं।
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