मेरठ। ईद-उल-फितर की नमाज सड़क पर अदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज तो होगी ही, साथ ही उनका पासपोर्ट निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी पासपोर्ट कार्यालय पर दी जाएगी, ताकि वह अरब देशों की यात्रा न कर सके। इस संबंध में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी धर्म गुरुओं से भी बैठक कर हिदायत दे रहे हैं कि सड़कों पर नमाज न अदा की जाए। ईदगाह के अलावा आसपास की मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जाए। मेरठ जोन के एडीजी की ओर से सभी जिलों की पुलिस को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
जनपद में 164 ईदगाह व 515 मस्जिद है, जहां पर ईद की नमाज अदा होती है। शासन का आदेश है कि जुमे या ईद की नमाज सड़क पर अदा नहीं होगी। इसी अनुपालन में जनपद पुलिस भी धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर रही है। बताया जा रहा कि ईदगाह के अलावा अन्य बड़ी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की जाए। बीते सालों में मस्जिदों के बाहर नमाज अदा कर सड़क पर यातायात बाधित करने के मामले दर्ज हुए थे। इस बार पुलिस ने ईद की नमाज सड़क पर अदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अल विदा जुमा और ईद उल फितर को लेकर सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट आदेश हैं कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं होगी। परंपरा से हट कर कोई भी आयोजन नहीं होगा।
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ईदगाह के बाहर सड़क पर ईद की नमाज अदा नहीं करने दी जाएगी। शहरकाजी को कहा गया है कि वो यह जानकारी सभी को पहुंचाएं। यदि किसी ने सड़क पर नमाज अदा की ताे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे लोगों का यदि पासपोर्ट है तो उसके निरस्तीकरण की रिपोर्ट पासपोर्ट कार्यालय भेजी जाएगी। पासपोर्ट बनवाने की संस्तुति भी पुलिस नहीं करेगी।
ध्रुवकांत ठाकुर, एडीजी मेरठ जोन
भड़के केंद्रीय मंत्री जयंत, ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से की यूपी पुलिस की तुलना
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मेरठ पुलिस के ईद की नमाज सड़क पर पढ़ने पर कार्रवाई और पासपोर्ट रद्द करने के आदेश पर चौधरी जयंत सिंह भड़क गए। उन्होंने मेरठ पुलिस के इस बयान की ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से तुलना कर दी। भाजपा के सहयोगी दल रालोद के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री एवं रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि यह ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग की ओर बढ़ता कदम है। उन्होंने इस संबंध में एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है। जयंत के इस पोस्ट के बाद रालोद के नेताओं के बयान भी आने शुरू हो गए।
रालोद के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. कुलदीप उज्ज्वल और रालोद के प्रदेश महासचिव शकील अहमद ने भी मेरठ पुलिस के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र को सभी धर्मों के त्योहारों को समान दृष्टि से देखना चाहिए। पुलिस-प्रशासन अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सभी समुदायों के साथ समन्वय बनाकर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाकर रखे। कहा कि मेरठ पुलिस का बयान नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।