खगोलीय घटनाएं देखना किसे नहीं पसंद। ऐसे में अगर कोई घटना 6 हजार साल बाद हो रही हो तो उत्साह और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसी ही कुछ खगोलीय घटना इन दिनों रोज नजर आ रही है। रोजाना सूर्यास्त के समय सूर्य के ऊपर धूमकेतू नियोवाइस दिख रहा है।
खास बात यह है कि यह मौका 6 हजार साल बाद आया है जब इस अद्भुत नजारे को नंगी आंखों से देख सकते हैं। बाल वैज्ञानिक और अन्य युवा इन दिनों हर रोज इस अद्भुत नजारे को आंखों और कैमरे में कैद कर रहे हैं। 21 जुलाई को यह नजारा और भी रोचक होगा।
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक दीपक शर्मा ने बताया कि इस बार जुलाई माह में हमारे लिए बहुत खास मौका आया है। 6000 साल बाद पृथ्वी से धूमकेतु नियोवाइस (सी 2020/एफ3) को नंगी आंखों से देखा जा रहा है। यह 21 वीं सदी का पहला दृश्यमान धूमकेतु हैं। यह हमारे जीवन मे केवल एक बार ही दिखने वाला है।
10 से 30 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम क्षितिज में सूर्यास्त के तुरंत बाद दिखाई दे रहा है। दीपक शर्मा ने बताया कि धूमकेतु आकाशगंगा से कुछ किलोमीटर व्यास के पत्थर, बर्फ एवं धूल का कठोर पिंड है। अत्यंत ठंडी अवस्था में सूर्य के पास चक्कर लगाते हैं। धूमकेतू नियोवाइस को अपना एक चक्कर पूरा करने में 6 हजार वर्ष का समय लगता है।
21 जुलाई को दिखेगा सबसे अच्छा नजारा
21 जुलाई को यह नजारा और भी खास होने वाला है। इस दिन यह धूमकेतु पृथ्वी से करीब 10 करोड़ किमी और सूर्य से करीब 4 करोड़ किमी दूर होगा। इस धूमकेतु का नाम सी/2020 एफ-3 है। पिछली 3 तारीख को यह सूर्य से सबसे निकट पहुंचा था। 30 जुलाई के आसपास इसे 40 डिग्री की ऊंचाई पर सप्तऋषि मंडल के पास देखा जाएगा और इसके बाद यह तेजी से गायब हो जाएगा।
गेंद सा नजर आया
जिला विज्ञान क्लब के माध्यम से मैंने धूमकेतु को देखा। जो सूर्य के पास एक गोल गेंद के रूप में नजर आया था।
- कण्व मित्तल
21 जुलाई को फिर देखेंगे
दीपक शर्मा सर ने हमे धूमकेतु दिखाया उसके बारे में बताया। अब 21 जुलाई को हम सभी जिला विज्ञान क्लब के माध्यम से इसे फिर देखेंगे।
- यश
वापस आने में कई साल लग जाते हैं
धूमकेतु एक विशाला तारा है। लाखों की संख्या में धूमकेतु सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं। एक हाली नामक धूमकेतु 76 साल के अंतराल पर दिखाई देता है। यह धूमकेतु अब 2061 में दिखाई देगा।
- मनीषा