मेरठ। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में प्रातःकालीन कक्षा में ग्रंथ रत्नकरण्ड श्रावकाचार का अध्ययन कराया गया। विद्वान पंडित सर्वज्ञ शास्त्री ने श्रावक धर्म के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को सरल, प्रभावशाली शैली में विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सच्चा देव वही है जो राग, द्वेष और मोह से मुक्त हो। कार्यक्रम में कुसुम, पूनम, दीपा, अनामिका, संजय, हेमचंद जैन, सुरेश रहे।