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नए हैंडपंप की कीमत में ही पुराना भी हो रहा रिबोर

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बिजनौर में ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए हैंडपंप रिबोर का बिल। - फोटो : BIJNOR
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नए हैंडपंप की कीमत में ही पुराना भी हो रहा रिबोर
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रिबोर कराने के नाम खेल हो रहा है। नए हैंडपंप लगाने की कीमत में ही पुराना हैंडपंप भी रिबोर कराया जा रहा है। कोई निगरानी या जांच नहीं है। विभागीय अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि रिबोर में भी नया पाइप लगाया जाता है, इसलिए लागत नए जितनी ही आती है, लेकिन पुराना पाइप कहां गया, इसका हिसाब किताब विभाग के पास नहीं है। लोग कहते हैं कि रिबोर कराने में अधिकांश पाइप पुराना ही लगाया जाता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इंडिया मार्का टू नल लगाने को 50 हजार 500 रुपये की स्वीकृति दी हुई है। जल निगम के इंजीनियर बताते हैं कि उनका विभाग इंडिया मार्का टू नल लगाने में 50 हजार 500 रुपये लेता है। लेकिन कई ग्राम पंचायत 50 हजार रुपये से ज्यादा में हैंडपंप रिबोर करा रहीं हैं। विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल की फरीदपुर काजी ग्राम पंचायत में कब्रिस्तान के पास हैंडपंप रिबोर कराया गया। 29 जुलाई 2019 को वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/13 से 51667 रुपये का भुगतान किया गया। इसी गांव में इंद्रजीत के घर के पास हैंड पंप का रिबोर का भुगतान 29 जुलाई 2019 को वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/14 से 53217 रुपये किया गया। जमील के घर के पास के हैंडपंप को रिबोर कराने का भुगतान 29 जुलाई 2019 को वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/15 से 53217 रुपये का किया गया। मुकीम के घर के पास भी 51056 रुपये में हैंडपंप रिबोर किया गया। इंतजार के घर के पास 53217 रुपये में हैंड पंप रिबोर हुआ। यह सभी भुगतान ठेकेदार चौधरी ओमवीर को किए गए। यही हाल विकास खंड हल्दौर के नांगलजट में प्राइमरी विद्यालय दो में हैंडपंप रिबोर कराए गए। 15 फरवरी 2020 को वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/33 से ठेकेदार उदयपाल सिंह को 50563 रुपये का भुगतान किया गया। इसी पंचायत में हनुमान मंदिर के पास हैंडपंप रिबोर कराया गया। 15 फरवरी 2020 को वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/31 से 48704 रुपये का भुगतान किया गया। इसी गांव पंचायत में ब्रह्मपाल की चक्की के पास हैंड पंप का रिबोर कराया गया। इस कार्य का भुगतान 15 फरवरी 2020 के वाउचर नंबर एफएफसी/2019-20/पी/32 से 51737 रुपये का किया गया। प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि पंचायतों में खरीद की जांच हो रही है। बिजनौर की गड़बड़ की भी जांच कराई जाएगी और कठोर कार्रवाई होगी।
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रिबोर कराने में भी दस
हजार रुपये का अंतर
नांगल जट्ट में सुरेश की दुकान के पास 54544 रुपये में नल रिबोर हुआ, लेकिन छोटे के घर के पास हैंडपंप रिबोर कराने का 48824 का 15 फरवरी 2020 के बिल से भुगतान किया गया। हल्दौर विकास खंड के मुबारकपुर कला गांव में मुजम्मिल के घर के पास 40410 रुपये में हैंड पंप रिबोर कराया गया। इसका भुगतान 11 जून 2018 को वाउचर नंबर एफएफसी/2018-19/पी/2 से किया गया।
रिबोर में पूरा सामान लगता है नया: डीपीआरओ
बिजनौर। डीपीआरओ सतीश कुमार के मुताबिक हैंडपंपों को रिबोर कराने में सारा सामान नया लगता है। इसलिए हैंडपंप लगाने के बराबर रिबोर की लागत आती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में उनके द्वारा हैंडपंप रिबोर कराए जाते हैं।
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पुराना पाइप कहां जाता, कोई हिसाब नहीं
डीपीआरओ से जब पुराने पाइप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह ग्राम पंचायतों के पास रहता है और वही नीलाम कराती है, पाइपों की नीलामी से हुई आय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इंकार किया और कहा कि पंचायतों का ऑडित होता है। लोगों की माने तो पुराना पाइप भी काफी हद तक सही निकलता है, उसे ही रिबोर कराने में इस्तेमाल किया जाता है। बहुत अधिक खराब होने पर ही नया पाइप लगाया जाता है।
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