मेरठ। प्रयागराज में आयोजित 23वीं जूनियर अंडर-20 एथलेटिक चैंपियनशिप में ऊंची कूद में मीट रिकॉर्ड बनाने वाली रीत राठौर बुधवार को मेरठ पहुंची। उन्होंने कहा कि उनका यहां तक सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंंने सालों अपने परिवार से दूर रहकर आज यह मुकाम पाया है। अब उनका अगला लक्ष्य जूनियर नेशनल भुवनेश्वर में और इंटर स्टेट खेलों में पदक प्राप्त करने का है। उन्होंने कहा कि मेरठ में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे यहां पदकों की संख्या और बढ़ेगी। उन्हें खुद भी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए दिल्ली जाकर सेशन लेना पड़ता था। यहां ट्रैक होने से खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा और वह अच्छे से तैयारी कर सकेंगे।
उनके मेरठ पहुंचने पर कोच गौरव त्यागी ने भी उन्हें बधाई दी। रीत ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर ऊंची कूद में 1.81 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने प्रतियोगिता के 2019 के 1.78 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने बताया कि वह मेरठ के फूलबाग काॅलानी में अपनी बहन ऊंची कूद की खिलाड़ी तान्या के साथ रहकर तैयारी कर रही है। दोनों बहन पिछले 5 सालों से यहां किराये पर रहकर तैयारी करती हैं। उनके पिता सत्यवीर पटियाला में कपड़ों का व्यापार करते हैं। रीत खतौली की रहने वाली हैं। रीत इससे पहले 2022 में भोपाल में हुई खेलों इंडिया की प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुकी हैं। 2024 में झारखंड में हुए स्कूल नेशनल गेम्स में उन्होंने 1.68 मीटर ऊंची कूद के साथ स्वर्ण पदक जीता था। बरेली में हुई प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने 1.76 मीटर ऊंची छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और रिकॉर्ड बनाया। रीत ने बताया कि उन्होंने यहां कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में कच्चे ट्रैक पर तैयारी की और सिंथेटिक ट्रैक के लिए दिल्ली जाकर सेशन लेती थीं। सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करने और कोच गौरव त्यागी की तैयारी से ही वह यहां तक पहुंची। गौरव ने बताया कि रीत अब अक्तूबर में भुवनेश्वर में होने वाले जूनियर नेशनल खेलों में प्रतिभाग करेंगी। वहां भी वह पदक लेकर आएंगी। यहां कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में ऊंची कूद की कई खिलाड़ी हैं जो लगातार तैयारी कर रही है। उनसे भी उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं में पदक की उम्मीद है।