नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी)
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एनसीआर के सभी ईंट भट्ठों का संचालन अग्रिम आदेश तक बंद करने के आदेश दिए हैं। एनजीटी ने एनसीआर के सभी जिलों के डीएम और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत सभी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश जारी कर दिए हैं।
मेरठ जनपद के गांव सकौती निवासी उत्कर्ष पंवार की याचिका पर एनजीटी ने यह आदेश जारी किया है। इस आदेश की जद में जिगजैग तकनीक से संचालित हो रहे भट्ठे भी आएंगे। उत्कर्ष पंवार की ओर से दाखिल की गई याचिका में कहा गया था कि ईंट भट्ठों का संचालन कई चरणों मे होता है। ईंटें बनाने के लिए मिट्टी का खनन करने, ईंटें बनाने, ईंटों को पकाने के लिए भट्ठे में लगाने और फिर राख से ढकने के दौरान बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे प्रदूषण फैलता है। ईंटें पकाने से पहले तक कि सभी प्रक्रिया साधारण और जिगजैग दोनों तरह के भट्ठों में एक सी है। ईंट भट्ठों के संचालन से हवा में 2.5 पीएम की मात्रा बढ़ रही है।
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एनजीटी ने इस याचिका पर एनसीआर में संचालित सभी ईंट भट्ठों का संचालन अग्रिम आदेश तक बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 15 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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