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Meerut News: खूनखराबा कर घर में सो रहे थे हत्यारोपी

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मेरठ। रात करीब आठ बजे वारदात को अंजाम देकर हत्यारोपी अपने-अपने घर जाकर सो गए। सुबह हत्या का शोर मचने पर आरोपी अपने घर से भागे। हत्या में नामजद किशोर दूसरी मंजिल पर सोया था। उसे पकड़कर पुलिस थाने ले आई। पूछताछ में किशोर ने घटना का खुलासा किया।
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पुलिस ने मुताबिक, सुमित का शव पोस्टमार्टम हाउस भेजकर आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई। आरोपी किशोर को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद अन्य आरोपियों की लोकेशन निकाली। इसमें पता चला कि वारदात के बाद आरोपी अपने-अपने घर आए और रातभर रहे। सुमित की हत्या पर गुस्साए ग्रामीणों ने थाने पर हंगामा कर दिया।
पुलिस ने उनको समझाया कि नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि नामजद आरोपियों को पुलिस जल्द गिरफ्तार करेगी। नामजद किशोर के बयान दर्ज कर लिए है। उसने हत्या करना कुबूल किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
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कक्षा नौ के छात्र ने रची हत्या की साजिश
मेरठ। साधु सुमित जाटव की हत्या की पटकथा रचने वाला कक्षा नौवीं का छात्र है। उसकी उम्र 16 साल है। किशोर ने बताया कि बहन के प्रेम विवाह का पता लगते ही पिता बीमार हो गए। पिता को रोते देख उसका खून खौलता था। अब वह भी सुमित के परिवार को रोते देखना चाहता था। वो तीन माह से सुमित का पीछा कर रहा था। अपनी पहचान छुपाने के लिए एक सप्ताह पहले बाल कटवा दिए थे।
12 दिसंबर 2022 को बेटी के कोर्ट मैरिज का पत्र डाक से रामबीर के घर पहुंचा था। उसको देखकर परिवार के होश उड़ गए। बेटी को पीटा और घर से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी। पांच दिन बाद युवती प्रेमी के साथ चली गई। इसके गम में रामबीर को फालिश का अटैक पड़ गया। वह चारपाई पर लेटकर रोता रहता था। यह देखकर 16 साल के बेटे ने बहन के प्रेमी और उसके परिवार को मारने का प्लान बना लिया। वह लगातार सुमित की रेकी करने लगा। शुक्रवार को बलकटी में धार लगाई।
ताऊ तुमने हमारी बेइज्जती करा दी
किशोर ने सुमित को रोका और बोला कि ताऊ तुमने हमारी बेइज्जती करा दी। अब तुम नहीं बचोगे। इनता सुनते ही सुमित ने डंडा चलाया। डंडा किशोर के हाथ और कनपटी पर लगा। इस पर किशोर ने बलकटी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सुमित ने दम नहीं तोड़ने तक वह वार करता रहा।
सुमित के पिता भी थे साधु
परिजनों के मुताबिक सुमित के पिता शिवचरण भी साधु थे। पिता की मौत के बाद सुमित भी साधु बन गए। सुमित के चार पुत्र अजय, आनंद, अरुण और नितिन हैं। चारों भाई तेजगढ़ी स्थित एक फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं।
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