यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी व न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मैसर्स जैन प्रिंटर्स एंड स्टेशनर्स की याचिका पर दिया है। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची फर्म ने नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच नगर निगम मेरठ के विभिन्न वार्डों में दीवार पेंटिंग और ओवरहेड टैंकों की पेंटिंग का कार्य किया था। कार्य पूरा होने के बावजूद विभाग की ओर से 65,43,941.20 रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं, नगर आयुक्त की ओर से पेश अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि फर्म का भुगतान बकाया है। आश्वासन दिया कि चार सप्ताह में पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। संवाद