मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्किट में 17 करोड़ कीमत के एक व्यवसायिक भवन पर कुल 552 नया गृहकर लगाने के मामले में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने जांच बैठा दी है। अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव ने कर निर्धारण अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराई। इसमें बताया गया कि का मार्केट में यह भवन निर्माणाधीन है। कितना गृहकर लगाया जाएगा, इसकी अभी जांच चल रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खुराना की शिकायत थी कि शास्त्रीनगर में निगम ने एक व्यवसायिक भवन की कीमत 17 करोड़ दर्शाकर कुल 552 रुपये का गृहकर लगाया है। जबकि महानगर में अन्य भवनों पर 10 गुना ज्यादा नया गृहकर लगाकर बिल वितरित किए गए हैं। इसको लेकर पार्षद, राजनीतिक दलों के नेतागण और आमजन भी विरोध में हैं। नाराजगी देखते महापौर को नए बिल वितरित करने पर रोक लगानी पड़ी। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जीआईएस सर्वे के आधार पर निगम ने मनमानी तरीके से नया गृहकर लागू कर दिया। इसको तुरंत निरस्त कर दिया जाए।
अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव ने बताया कि जिस भवन पर 552 रुपये का गृहकर बताया गया है, वह निर्माण से पहले का है। इस भवन के जियो टैग फोटो और वीडियो कराए गई है, जिस पर अभी निर्माण चल रहा है। निगम की टीम जाकर भवन का सत्यापन करेगी और उसके बाद नया गृहकर लगाया जाएगा। नए गृहकर की वसूली के लिए निगम ने शत-प्रतिशत स्वकर निर्धारण प्रपत्र प्रणाली भी लागू कर दी है।