मेरठ..कंवलजीत..राम बाग कालोनी स्थित सैयद बाकिर जै़दी के अज़ाखाने से अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास, या
मेरठ। मोहर्रम की सात तारीख बृहस्पतिवार को हजरत इमाम हुसैन और उनके शोहदाओं की याद में मजलिसों का आयोजन किया गया। जुलूस-ए-जुलजुनाह निकालकर सोगवारों ने जंजीरों से मातमपुर्सी की।
अब्दुल्लापुर में सुबह से ही मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। एक कदीमी मजलिस मरहूम अकबर अली की जानिब से इमाम बारगाह कोट में हुई। महिलाओं की मजलिस अजाखाना अनीस अब्बास मोहल्ला कोट में हुई। जौहर की नमाज के बाद दोपहर के समय इमाम बारगाह कोट से बड़ा कदीमी जुलूस-ए-जुलजुनाह हजरत इमाम हुसैन बरामद हुआ। इसमें हजारों शिया सोगवारों ने नौहेख्वानी व मातमपुर्सी की।
इसके बाद जुलूस-ए-जुलजुनाह कोठी हाजी बुनियाद अली से होता हुआ पंडित चौक पर पहुंचा। यहां मीसम नकवी, जामिन, अली मेंहदी, कमर आलम, अम्मार-ए-यासिर ने अपने नौहे कलाम से सभी सोगवारों को मातम के माहौल से भर दिया। इसके बाद जुलूस इमाम बारगाह बाड़े वाली मस्जिद के अंदर गया, जहां जंजीरों से मातम कर सोगवारों ने खुद को लहूलुहान कर लिया।
वहीं एडवोकेट नायब अली ने बताया कि मोहर्रम की आठ तारीख शुक्रवार को कोठी हाजी बुनियाद अली में मजलिस होगी। रात में जुलूस-ए-जुलजुनाह हजरत अब्बास बरामद होगा।
मेरठ..कंवलजीत..राम बाग कालोनी स्थित सैयद बाकिर जै़दी के अज़ाखाने से अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास, या