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गोवंशों में खून की कमी, इलाज न मिलने पर महापौर पशु चिकित्सक पर हुए गुस्सा

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परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में सफाई व्यवस्था न सुधार होने पर महापौर ने जताई नाराजगी
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मेरठ। कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा का मामला 16 दिन बाद भी बुधवार को गरमाया हुआ हैं। लंबे समय भूखी और प्यासे गोवंशों में खून की कमी होने से वह बीमार हो रही हैं और उनका इलाज कराने में निगम विफल है। पशु चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा कहती हैं कि यह गोशाला निगम की है, इससे पशु पालन विभाग का कोई लेना-देना नहीं हैं।
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उपचार न होने पर महापौर ने सात-आठ पार्षदों के साथ बुधवार को गोशाला का फिर से मुआयना किया। अव्यवस्था होने पर महापौर ने निगम अफसरों पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री के दौरे की संभावना होने के चलते अफसरों में खलबली है।

महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, पार्षद संजीव पुण्डीर, राजीव गुप्ता, दीपक वर्मा, विक्रांत ढाका, प्रवीन अरोड़ा सहित निगम अधिकारी बुधवार को निरीक्षण करने गोशाला पहुंच गए। महापौर ने बताया कि गोशाला में कुछ बीमार व चोटिल गोवंश हैं। उनके इलाज में लापरवाही होने प महापौर द्वारा मुख्य पशु चिकित्सक से फोन पर बात कर निर्देश दिए कि गोवंशों की चिकित्सा का दायित्व उनके विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा। जिस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा हेतु पर्याप्त स्थान न होने के कारण बताकर बीमार गोवंश लेने से इन्कार कर दिया।
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इस पर महापौर ने नाराजगी जताकर शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी। महापौर ने कहा है कि बीमार और चोटिल गोवंशों को गोशाला में न लाया जाए। पशु चिकित्सक पहले उनका इलाज करें, उसके बाद भी गोवंशों को गोशाला भेजना सुनिश्चित करें। गोशाला में पहुंची डॉ. प्रियंका शर्मा ने कहा कि 15 दिन से वह लगातार गोशाला में गोवंशों का इलाज कर रही है। गोशाला की जिम्मेदारी नगर निगम की हैं। कमिश्नर, डीएम और अन्य अधिकारियों का निरीक्षण लगातार जारी हैं, इसको देखते हुए गोवंशों की देखरेख का काम खुद करा रही हूं। गोशाला के अलावा उनके पास क्षेत्र में 27 हजार पशु हैं, इनका वह अकेली ही इलाज कर रही है।

80 प्रतिशत गोवंशों में खून की कमी, रोजाना हो रहीं बीमार
मेरठ। कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद के निरीक्षण के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के वेटनरी विभाग की टीम मंगलवार को गोशाला में पहुंची थी। गोवंशों के सैंपल लेकर उनका उपचार शुरू कराया था। बुधवार को 12 से ज्यादा गोवंशों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आई, इसमें उनको खून की कमी के कारण बीमार होना बताया गया है। गोवंशों की लगातार तबियत खराब होने और कमजोरी के कारण उनकी मौत होने का सिलसिला जारी है। मोदीपुरम स्थित कृषि विवि से पांच सदस्यों की चिकित्सीय टीम ने गोवंशों के ब्लड सैंपल लिए। ब्लड सैंपल की जांच की रिपार्ट में गोवंशों में हीमोग्लोबिन की काफी कमी पाई गई। कृषि विवि के पशु चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि 12 गोवंशों के ब्लड सैंपल लिए गए थे। इसमें 80 प्रतिशत गोवंशों में भारी मात्रा में खून की कमी मिली है। सलाह दी कि हरा चारा, दलिया, पोष्टिक दाना, सरसो की खल, चोकर सहित अन्य पोष्टिक आहार गोवंशों को दिया जाए। अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह ने बताया है कि गोवंशों के लिए पोष्टिक आहार मंगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, जल्द ही गोशाला की सभी व्यवस्था ठीक हो जाएगी।



घोटालेबाज ठेकेदार, महापौर और भाजपा नेताओं की जांच की मांग

मेरठ। गोशाला में चारा घोटाला करने वालों ठेकेदार, महापौर और भाजपा नेताओं की जांच करने के लिए विपक्ष नेताओं ने कमिश्नर को बुधवार ज्ञापन देना बताया है। सपा पार्षद इकराम सैफी, पूर्व पार्षद अफजाल सैफी, संगीता राहुल और मोहम्मद चांद ने आरोप लगाया कि निगम की गोशाला में गोवंशों की मौत का जिम्मेदार प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह है, लेकिन अन्य जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। गोवंशों को भूखा रखा गया व घोटाले का पैसा बांटा जाता था। इस प्रकरण की सीबीआई जांच होने पर कई राज खुल जाएंगे। इस दौरान पूर्व पार्षद आदिल अंसारी, हाजी सरताज कुरैशी, सोहनलाल एडवोकेट आदि भी मौजूद रहे।
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