नगर निगम अधिकारियों से सोमवार तक मांगा है जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट की कंपनी और नगर निगम के बीच विवाद का जल्द निपटारा होने की संभावना है। इसकी वजह है कि छह साल से बंद पड़े प्लांट को लेकर महापौर ने नगर निगम से सोमवार तक जवाब मांगा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट जल्द ही चालू हो सकता है।
गांवड़ी स्थित आर्गेनिक रिसाइकिलिंग कंपनी का नगर निगम के साथ 25 वर्ष का अनुबंध हुआ था। लेकिन छह वर्ष से यह प्लांट चालू नहीं हो सका। नगर निगम ने प्लांट पर आपत्ति जताकर चलाने से मना कर दिया था, जिसके विरोध में कंपनी हाईकोर्ट चली गई थी। 2017 में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने ही गांवड़ी में प्लांट लगाने का शिलान्यास किया था। कंपनी को नगर निगम ने 15 एकड़ जमीन अनुबंध के तहत दी हुई है।
नगर निगम लोहियानगर में कूड़े की छंटनी के प्लांट में प्रति माह 50 लाख रुपए खर्च करता है। भूगर्भ और जल प्रदूषित होने की शिकायत पर एनजीटी ने भी लोहिया नगर के प्लांट को लेकर निगम के अधिकारियों पर तीखी टिप्पणी की थी और एक माह में जवाब मांगा था। इतना ही नहीं नगर निगम पर करोड़ों का जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी थी, इसके बावजूद निगम के अधिकारी गंभीर नहीं है। अब आर्गेनिक रिसाइकिलिंग कंपनी के अधिकारियों ने यह मामला नव निर्वाचित महापौर के सामने उठाया है।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनी ने 1200 टन कूड़ा निस्तारण का अनुबंध किया हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों ने रिपोर्ट सोमवार को नहीं दी तो वह मुख्यमंत्री के सामने इसे रखेंगे।
वर्जन
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने को लेकर विचार विमर्श हो रहा है। महापौर के सामने भी कूड़ा निस्तारण वाला मामला पहुंचा है। जल्द ही इसका समाधान होगा। प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम