मेरठ। शताब्दीनगर में केदारेश्वर सेवा समिति की ओर से शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव स्तुति की महिमा बताई। उन्होंने जलाभिषेक करने से लेकर पूजन विधि के बारे में कई जरूरी बातें भी बताईं। इस दौरान उन्होंने भर दिया भंडार काशी वाले ने, कर दिया मालामाल काशी वाले ने...जैसे भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा व्यास ने माता पिता को बच्चों को संस्कार देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिव के स्वरूप का ही प्रतिबिंब शिवमहापुराण है। शिव स्तुति पूजा से सभी कष्ट और दुख नष्ट हो जाते हैं। अनंत सुख की प्राप्ति होती है।
कथा आरंभ होने से पूर्व व्यास पीठ पर लड्डू गोपाल को विराजमान किया गया। केके गुप्ता, आशीष बंसल, ऋषि अग्रवाल सहित अन्य समिति सदस्यों ने चरण पादुका पूजन किया। कथा व्यास प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव को जल चढ़ाने वाले की बर्बादी नहीं होती। शिव मंदिर में दान करने पर एक हजार अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।
उन्होंने कहा कि शंकर जी की परिक्रमा करने पर उन्होंने गणेश जी को प्रथम देव का आशीर्वाद दिया। वहीं, पार्वती जी ने चिंतित होकर कहा कि आप वचन दो कि अब आपकी कोई परिक्रमा नहीं करेगा। तब शिव ने कहा कि आज से आधी परिक्रमा करके वापस आने पर ही परिक्रमा मानी जाएगी। कथा व्यास ने कहा कि विदेश में लोग दिमाग से प्यार करते हैं। भारत भूमि पर लोग दिल से प्रेम करते हैं। इसीलिए सभी देवी-देवताओं ने भारत भूमि पर अवतार लिए। विदेश की भूमि पर किसी भी देवता ने अवतार नहीं लिया।
इस अवसर पर नीरज मित्तल, संजय बंसल, राहुल गुप्ता, पवन गर्ग, गणेश अग्रवाल, अनिल जैन, अमन अग्रवाल, करण गोयल, अमित गोयल, सचिन गोयल, रुपाली गुप्ता, पूनम बंसल, रश्मि गोयल, पिंकी गुपता, तनु जैन आदि रहीं।
मंदिर में घर से ही लेकर जाएं जल का लोटा
- प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जल का पात्र और जल देखकर शिव समझ जाते हैं घर की क्या दशा है। शिवालय में लोटा और जल अपने घर से ही लेकर जाना चाहिए। नेत्र में आंसू बता देते हैं, यह आंसू खुशी के हैं या गम के हैं।
शिव कृपा पात्र बनने के लिए करें जलाभिषेक
शिव की कृपा चाहते हो तो तीन काम किसी भी सोमवार से शुरू कर दें। सुबह शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। दोपहर में बेल पत्र के वृक्ष पर अक्षत का दाना डालकर वृक्ष की परिक्रमा करें। शाम के समय शिव मंदिर के द्वार पर घी का दीपक जलाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाना है तो बुजुर्गों को भी बच्चों के पास पहुंचना होगा। पहले बच्चों की भावनाएं समझें। फिर उन्हें संस्कार देकर अपने अनुसार ढाल दें।
मजा आ रहा है जीने में...पर गूंज उठा पंडाल
- प्रदीप मिश्रा ने जब भजन मजा आ रहा जीने में महादेव धड़क रहा सीने में...सुनाया तो पूरा पंडाल शिव के जयघोष से गूंज उठा। हजारों महिलाएं नृत्य करतीं नजर आईं। कथा में आई कुछ महिलाएं अपने स्वर्गवासी पतियों की फोटो लेकर भी पहुंचीं। कथा स्थल पर मौजूद दिव्यांग बच्चे भी उत्साहित थे।
- दुश्मन से हमेशा लड़ता है नायक
- सनातन यात्रा की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि नायक हमेशा दुश्मन से लड़ेगा, नालायक हमेशा अपनों से लड़ेगा। जब कोई सनातनी सनातन का विरोध करेगा तो वह नालायक ही कहलाएगा। थोड़ी सी वोट के लिए लोभी सनातन को बुरा कह देते हैं।