- डीआईजी ने सरूरपुर थाने का किया निरीक्षण, जनसमस्याएं भी सुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सरूरपुर थाने की हर्रा पुलिस चौकी की लंबित विवेचाओं पर विवेचक को फटकार लगाई। उन्होंने एक सप्ताह में सभी लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। डीआईजी ने शनिवार को सरूरपुर थाने का निरीक्षण किया और जनसमस्याएं सुनी।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने रिकॉर्ड रखरखाव की स्थिति का मूल्यांकन किया और जांच प्रक्रिया में हो रही ढिलाई पर चिंता जताई। हर्रा पुलिस चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह यादव के खिलाफ विशेष नाराजगी जाहिर की। डीआईजी ने विवेचना में देरी के कारण पर स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण के समय चौकी इंचार्ज अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनता से सीधे संवाद रखें और उनके साथ सामंजस्य बनाकर काम करें। डीआईजी ने वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी देहात राकेश मिश्रा, सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने डीआईजी को सुनाई जनसमस्याएं
सरूरपुर। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शनिवार को थाना दिवस पर जनसमस्याएं सुनी। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि साहब इंसाफ नहीं मिला। गांव सुरूरपुर खुर्द निवासी किसान आशीष ने आरोपी पक्ष पर जबरन उसकी जमीन को जोतकर फसल बोने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर फायरिंग की है। कुछ देर बाद दूसरा पक्ष भी डीआईजी के सामने पहुंचा और आशीष पर उनके खेत में पाइप लाइन दबाने का आरोप लगाया। दूसरे मामले में गांव जैनपुर निवासी नदीम ने डीआईजी से शिकायत में बताया कि दो साल पहले उसने गांव में नौ लाख रुपये में जमीन खरीदी थी, लेकिन उस जमीन पर आरोपी पक्ष ने कब्जा कर रखा है। जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। मारपीट में वह घायल हो गया था। उसे जमीन भी नहीं मिली और उसके रुपये भी चले गए। चौकी प्रभारी ने आरोपियों से साठगांठ कर उसके खिलाफ हत्या करने के प्रयास संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज जेल भेज दिया है। पीडि़त की बात सुनकर डीआईजी ने एसपी देहात को जमीन बेचने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर पीड़ित को इंसाफ दिलाने के निर्देश दिए।
तीसरा मामला गांव मैनापूठी का है। पीड़ित अभिषेक चौहान ने डीआईजी से शिकायत में बताया कि उसका वर्ष 2023 के एक मुकदमा की विवेचना लंबित है। जब भी उसने पुलिस ने लंबित विवेचना पूरी करने का कहा तो विवेचक ने अधिकारियों का दबाव होने की बात कहकर पेडिंग में डाल दी। मामले में डीआईजी ने थाने के रजिस्टर की जांच की तो उसमें भी उसका मुकदमा दर्ज नहीं मिला जिससे उन्होंने एक सप्ताह के अंदर विवेचना को पूरा करने के निर्देश दिए।
फलावदा थाने पर तहसीलदार ने सुनी समस्याएं
फलावदा। तहसीलदार जितेंद्र कुमार व थाना प्रभारी संजय कुमार द्विवेदी ने समस्या सुनी। इस दौरान आई आठ शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं किया गया। भारत भूषण ने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह कई वर्षों से अपने खेत की जमीन से कब्जा हटवाने के संबंध में भटक रहा है उसने जिलाधिकारी को तहसील दिवस में व थाने में जमीन को कब्जा मुक्त करने की गुहार लगाई लेकिन अभी तक कब्जा नहीं हटा है। मामले की जानकारी पर तहसीलदार जितेंद्र कुमार व थाना प्रभारी संजय कुमार द्विवेदी व राजस्व विभाग के लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर पैमाइश कराकर निशान देही की, लेकिन दबंग लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा किया। जिस कारण राजस्व विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा।
मवाना में आई नौ शिकायतें, छह का निस्तारण
मवाना। मवाना थाने में नायब तहसीलदार मुकेश सैनी व थाना प्रभारी ने लोगों की शिकायतों को सुना। कुल 9 शिकायतें आई, जिसमें से छह का मौके पर निस्तारण किया गया।
थाना समाधान दिवस में प्रह्लाद वाटिका निवासी अंकुर गुप्ता ने की शिकायत में कहा कि उसकी जमीन जो मवाना खुर्द में है। 20 मई को उस पर उपजिलाधिकारी के आदेश पर गठित टीम ने सरकारी नाली व जमीन की पैमाइश की थी। पड़ोसी ने खुर्द बुर्द कर खेत के एक हिस्से पर दोबारा जबरन कब्जा कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। वहीं गांव बहोडूपुर निवासी खुशनुमा ने गेट के सामने जबरन दीवार खड़ी करने, गांव कौल निवासी राजेश देवर व नंद पर मारपीट व गाली गलौज करने, मोहल्ला हीरालाल निवासी संजय ने खेत में खड़े खंभों पर बिजली तार लगवाने, गांव मटौरा निवासी रचना यादव विपक्षियों पर जमीन हड़पने का प्रयास करने व पेड़ काटकर ले जाने की शिकायत की। संवाद
रजिस्टर में मिला समाधान, जांच में समस्या मिलने पर भड़के डीएम
खरखौदा। खरखौदा थाने पर लगे संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम डाॅ. वीके सिंह व एसएसपी विपिन ताड़ा पहुंचे। जांच में पुरानी शिकायतों में अंकित मोबाइल द्वारा पीड़ित फरियादियों से समस्याओं के समाधान पर पूछताछ की।
कागजों में समाधान और धरातल पर समस्या मिलने पर डीएम नाराजगी जताते हुए मौजूद राजस्व विभाग की टीम को सुधारने की भी चेतावनी दी। बाद में जिलाधिकारी ने कार्य में लापरवाही मिलने पर बर्खास्त करके घर बैठाने की भी चेतावनी दी।
खरखौदा थाना पर लगे संपूर्ण समाधान दिवस में थाना प्रभारी धीरज सिंह व राजस्व निरीक्षक लोकेंद्र कुमार शिकायत सुन रहे थे। करीब 12:45 बजे पर डीएम डाॅ. वीके सिंह व एसएसपी विपिन ताड़ा के साथ थाना पहुंचे। जहां डीएम ने समाधान रजिस्टर से पुराने शिकायतों पर डीएम ने संज्ञान लेते हुए रजिस्टर में अंकित पीड़ित शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क किया। जिसमें भोजपुर थाना क्षेत्र के तलहटा निवासी राधेश्याम से बात कर उसकी समस्या पूछी। पीड़ित की समस्या पर समाधान लिखा था लेकिन जांच के बाद पता चला कि समस्या का धरातल पर निस्तारण ही नहीं हुआ। जिस पर डीएम भड़क गए। बाद में जिलाधिकारी ने अन्य शिकायतकर्ताओं से भी बात की। समाधान में लापरवाही मिलने पर डीएम ने लेखपालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सुधर जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले लेखपालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
फलावदा थाने पर आयोजित समाधान दिवस पर अधिकारियों ने समस्या सुनी।
मवाना से फाइल नं. 7
फलावदा, 24 मई
शनिवार को थाने पर आयोजित समाधान दिवस में तहसीलदार जितेंद्र कुमार वं थाना प्रभारी संजय कुमार द्विवेदी ने समस्या सुनी थाना दिवस में आठ शिकायत आई इस दौरान भारत भूषण ने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह कई वर्षों से अपने खेत की जमीन से कब्जा हटवाने के संबंध में भटक रहा है उसने जिलाधिकारी को तहसील दिवस मे व थाने में अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने की गुहार लगाई लेकिन उसके खेत की जमीन पर पडोसियों ने कब्जा कर रखा पड़ोसी कमजोर नहीं हटा रहे हैं शनिवार को पीड़ित अपने खेत की जमीन पर दीवार कर रहा था।पडोसी ने पीड़ित के साथ गाली गलौज व मारपीट कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर थाने पर समाधान दिवस को बीच में छोड़कर तहसीलदार जितेंद्र कुमार वं थाना प्रभारी संजय कुमार द्विवेदी व राजस्व विभाग के लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर पैमाइश कराकर निशांन दे ही कर विवाद को सुलझा रहे थे।लेकिन दबंग लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया जिस कारण राजस्व विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा। वहीं कस्बे के निरज भूमि से कब्जा हटवाया।
-कमरजिया - शिवानंद शर्मा
मवाना। थाना समाधान दिवस में नायब तहसीलदार मुकेश सैनी व थाना प्रभारी ने लोगों की शिकायतों को सुना। कुल 9 शिकायतें आई। जिसमें से मौके पर 6 का ही निस्तारण हो सका।
थाना समाधान दिवस में प्रहलाद वाटिका निवासी अंकुर गुप्ता ने की शिकायत में कहा कि उसकी जमीन जो की मवाना खुर्द में है। 20 मई को उस पर उपजिलाधिकारी के आदेश पर गठित टीम ने सरकारी नाली नाली व जमीन की पैमाईश की थी। जिसको पड़ोसी ने खुर्द बुर्द कर खेत के एक हिस्से पर पुन: जबरन कब्जा कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।वहीं गांव बहोडूपुर निवासी खुशनुमा ने गेट के सामने जबरन दीवार खड़ी करने, गांव कौल निवासी राजेश देवर व ननद पर मारपीट व गाली गलौज करने, मोहल्ला हीरालाल निवासी संजय ने खेत में खडे खंभों पर बिजली तार लगवाने, गांव मटौरा निवासी रचना यादव विपक्षियों पर जमीन हडपने का प्रयास करने व पेड काटकर ले जाने की शिकायत की।
रजिस्टर में मिला समाज समाधान, जांच में समस्या मिलने पर भड़के डीएम
रजिस्टर में मिला समाधान, जांच में मिली समस्या पर भड़के डीएमसंवाद न्यूज़ एजेंसी
खरखौदा। शनिवार को खरखौदा थाना पर लगे संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम डा. वीके सिंह व एसएसपी विपिन ताड़ा पहुंचे। जांच में पुरानी शिकायतों में अंकित मोबाइल द्वारा पीड़ित फरियादियों से समस्याओं के समाधान पर पुछताछ की।
कागजों में समाधान और धरातल पर समस्या मिलने पर डीएम नाराजगी जताते हुए मौजूद राजस्व विभाग की टीम को सुधारने की भी चेतावनी दी। बाद में जिलाधिकारी ने कार्य में लापरवाही मिलने पर बर्खास्त करके घर बैठाने की भी चेतावनी दी।
शनिवार को खरखौदा थाना पर लगे संपूर्ण समाधान दिवस में थाना प्रभारी धीरज सिंह व राजस्व निरीक्षक लोकेन्द्र कुमार शिकायत सुन रहे थे। करीब 12:45 बजे पर डीएम डा. वीके सिंह व एसएसपी विपिन ताड़ा के साथ थाना पहुंचे। जहां डीएम ने समाधान रजिस्टर से पुराने शिकायतों पर डीएम ने संज्ञान लेते हुए रजिस्टर में अंकित पीड़ित शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क किया। जिसमें भोजपुर थाना क्षेत्र के तलहटा निवासी राधेश्याम से बात कर उसकी समस्या पूछी। पीठ की समस्या पर समाधान लिखा था लेकिन जांच के बाद पता चला कि समस्या का धरातल पर निस्तारण ही नहीं हुआ। जिस पर डीएम भड़क गए। बाद में जिलाधिकारी ने अन्य शिकायतकर्ताओं से भी बात की। समाधान में लापरवाही मिलने पर डीएम ने लेखपालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सुधर जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले लेखपालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।