रोहटा फाटक पर सड़क हादसे में घायल हुए छात्र की मौत होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों और लोगों ने शव बहादुर मोटर्स के सामने रखकर दिल्ली रोड जाम कर दी। इस दौरान टीपी नगर पुलिस से लोगों की तीखी झड़प हुई। परिजनों ने कंकरखेड़ा पुलिस पर आरोपी बाइक सवार को पकड़कर छोड़ने के आरोप लगाए। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी और मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
शिव शक्ति नगर, ब्रह्मपुरी निवासी अभय (15) पुत्र विजय सिंह नवीं कक्षा का छात्र था। बीती शुक्रवार सुबह वह छोटे भाई सूयांश के साथ गैस सिलेंडर लेने साइकिल से रोहटा फाटक गया था। इस दौरान बाइक सवार युवक ने साइकिल में टक्कर दे मारी थी। सिर में चोट लगने पर गंभीर रूप से घायल हुए अभय ने शनिवार देर रात निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। कंकरखेड़ा पुलिस ने रात में ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर लौटे तो मोहल्ले के लोगों के साथ शव दिल्ली रोड पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस को सुनाई खरीखोटी
भीड़ ने टीपी नगर पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई। आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी युवक पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया था, लेकिन पुलिस ने उसे बिना कार्रवाई छोड़ दिया। लोगों ने अभय के परिवार के लिए मुआवजा और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर दी। करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस से आश्वासन मिलने पर जाम खोला गया।
...तो कंकरखेड़ा जाओ
दिल्ली रोड जाम होने से गुस्सायी टीपी नगर पुलिस ने भीड़ से कह दिया कि घटना कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए जाम लगाना है तो कंकरखेड़ा जाओ। यह सुनकर लोग बिफर गए। कहा कि हमें जाम लगाने का कोई शौक नहीं है। पुलिस आरोपी युवक को नहीं छोड़ती और पीड़ित परिवार की मदद करती तो यह नौबत नहीं आती।
‘बाइक वाले ने दोबारा मारी थी टक्कर’
इस घटना के बाद से बेहद डरे सूयांश ने रविवार को रोते हुए बताया कि बाइक वाले ने जब उनकी साइकिल में टक्कर मारी थी तो अभय भैया ने कहा था कि अंकल, जरा देख कर बाइक चला लो। जिससे चिढ़कर बाइक वाले अंकल ने दोबारा बड़ी तेजी से उनकी साइकिल में टक्कर मारी थी। जिसके बाद हम दोनों भाई जमीन पर गिर गए थे। अभय भैया का सिर तेजी से जमीन में लगा था।
मां बेसुध, परिवार बेहाल
अभय की मौत से परिवार टूट गया है। मां सरिता बेसुध हालत में अभय का नाम लेकर रो रही थी तो परिजन गम में डूबे हैं। विजय एक फैक्ट्री में काम करता है तो बाबा रिक्शा चलाता है। भाई सूयांश और बहन अंजली भाई को याद कर बिलखते रहे।
कोट
घटना के बाद संभवत: इलाज कराने पर सहमति बनने पर परिजनों ने तहरीर नहीं दी थी, जिसके चलते आरोपी युवक को छोड़ना पड़ा था। हालांकि उसकी बाइक कब्जे में है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोप जल्द गिरफ्तारी होगा। -यादराम सिंह, एसओ कंकरखेड़ा