कुख्यात सारिक-फाईक ने करोड़ों की संपत्ति की अर्जित
मेरठ। जेल में रहकर शातिर अपराधियों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली है। कोतवाली के रहने वाले शातिर अपराधी सारिक और फाईक जेल में पंचायत लगाकर करोड़पति बन गए हैं। कोतवाली, लिसाड़ीगेट और ब्रह्मपुरी में मुस्लिम समुदाय के लोगों की हत्या के मामलों में समझौता कराकर मोटी रकम ऐंठते हैं। चर्चित हाजी नईम गाजी की हत्या के मामले में समझौता कराकर भगत सिंह मार्केट में दुकान तक ले ली।
कोतवाली, लिसाड़ीगेट और ब्रह्मपुरी में हत्या की वारदात में समझौता कराने का मानो जेल में बंद शातिर दोनों भाई सारिक व फाईक ने ठेका लिया है। आरोपी पक्ष जेल में जाकर दोनों भाइयों से मुलाकात करता है और वहां पंचायत बैठती है। इन वारदातों में समझौते की नींव दोनों भाई रखते हैं। फोन पर बातचीत, पेशी के दौरान कचहरी में या फिर जेल में दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराते हैं। 2016 में हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित भगत सिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी की प्रापर्टी को लेकर अभिषेक उर्फ हैप्पी ने हत्या कर दी थी। यह मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के चलते शहर में तनाव के हालात बने थे। अभिषेक की मुलाकात जेल में सारिक-फाईक से हुई है। दोनों में समझौता करा दिया। लिसाड़ीगेट में अरबाज समेत पांच अलग-अलग के मामले में दोनों अपराधियों ने समझौता कराया है। एसएसपी अजय कुमार साहनी का कहना है कि जेल में बंद शातिर अपराधियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। अपराध करके अर्जित की गई संपत्ति की पुलिस जांच कर रही है।