संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। पीरपुर-मंडौरा में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास शांतनु महाराज ने रघुवंश की माताओं के आदर्श चरित्र पर प्रसंग सुनाया।
कथा व्यास ने कहा कि मां कौशल्या, सुमित्रा, जानकी, उर्मिला जैसे पात्रों के त्याग से ही धर्म-संस्कृति सुरक्षित है। कथा के प्रमुख प्रसंग महाराज ने जनक परिवार की पुत्री सीता के वनवास जाने पर अयोध्या वासियों के प्रेम व समर्पण का वर्णन किया। निषादराज से भगवान के मिलन को रामराज का आधार बताते हुए केवट प्रसंग पर विस्तार से चर्चा की। जहां केवट ने भगवान राम के चरण धोकर उन्हें गंगा पार कराई। कहा कि भोली भक्ति ही परमात्मा को प्रसन्न करती है। केवट का रुदन भक्ति मार्ग की सच्ची साधना है। केवट ने भगवान का वरदान ठुकरा दिया, क्योंकि जो भगवान से कभी कुछ न ले, भगवान उसके ऋणी हो जाते हैं। कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो उठे।
मुख्य यजमान भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह रहे। कथा सुनने कर्मवीर, भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल, सुनील भराला, मनिंदर पाल सिंह, जिलाधिकारी वीके सिंह, एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह, एसडीएम सरधना उदित नारायण सिंह, पूर्व विधायक सतप्रकाश अग्रवाल, भाजपा नेता नीरज मित्तल, विनीत कौशल, पूर्व विधायक चंद्रवीर आदि मौजूद रहे।
दौराला - श्री राम कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज। स्रोत : आयोजक