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मेरठ स्मार्ट सिटी पर केंद्र सरकार का फैसला आज   

Mon, 19 Sep 2016 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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स्मार्ट सिटी का लोगो। - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ स्मार्ट सिटी पर केंद्र सरकार का फैसला आज आने वाला है। जो भाजपा के स्थानीय सांसद, विधायक और महापौर का सियासी कद तय करेगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में दाखिल स्मार्ट सिटी के प्रपोजल को मजबूत बताते हुए नगर निगम प्रशासन और भाजपा जनप्रतिनिधि आश्वस्त हैं कि सोमवार को जारी होने वाली 27 स्मार्ट शहरों की सूची में मेरठ का नाम भी होगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो यह मेरठ के साथ बड़ा धोखा होगा। जिसका खामियाजा भाजपा को भरना पड़ेगा। 
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प्रपोजल हो चुका स्वीकार
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देशभर की प्रदेश सरकारों के माध्यम से 76 बड़े शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रपोजल लिए थे। प्रपोजल तैयार करने और जनता की राय वोटिंग के जरिये लेने के लिए केंद्र सरकार ने कंसलटेंट नियुक्त किए थे। मेरठ में भी बीके पटेल कंसलटेंट ने 20 से 25 दिन काम करके शहर के स्वरूप को बदलने के लिए स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार किया। इतना ही नहीं राज्य सरकार की संतोषजनक मोहर लगने के बाद नगरायुक्त देेवेंद्र कुशवाहा, कंसलटेंट बीके पटेल ने 30 जून को मेरठ स्मार्ट सिटी प्रपोजल केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में जमा कर दिया था। दो दिन बाद मंत्रालय ने मेरठ के प्रपोजल को स्वीकार भी कर लिया था। 

29 जून को उप्र सरकार ने लगायी थी मोहर 
लखनऊ में उप्र सरकार के चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन और रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के अपर निदेशक अवधेश कुमार गुप्ता सहित पूरी टीम ने 29 जून को यूपी के मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर, गाजियाबाद सहित 12 शहरों के स्मार्ट सिटी मिशन के प्रपोजल की फाइनल प्रजेंटेशन करायी थी। नगर निगम मेरठ द्वारा तैयार की गई स्मार्ट सिटी की प्रपोजल रिपोर्ट को प्रमुख सचिव ने बेहद सराहा था। रायबरेली तो प्रजेंटेशन में शामिल ही नहीं हो पाया था। 
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इन प्वाइंट पर मेरठ का दावा मजबूत
- मेरठ एनसीआर का सबसे बड़ा शहर, सबसे पुरानी कमिश्नरी - देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली क्रांति धरा - नगर निगम के पास सफाई, पानी और निर्माण के संसाधनों की भरमार  - नगर निगम का वार्षिक राजस्व 100 करोड़ से अधिक है - मेरठ में दो सरकारी और दो निजी विवि, एक सरकारी और एक निजी मेडिकल कालेज - एजूकेशनल हब मेरठ में 60 से अधिक व्यावसायिक शिक्षण संस्थान  - मेरठ में स्मार्ट सिटी मिशन के बिंदु ग्रीन बेल्ट के लिए भूमि उपलब्ध है - मेरठ में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होने वाला है - 2011 की जनगणना के आधार पर हर घर में शौचालयों का कार्य अंतिम चरण में - ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली चालू है - मासिक ई-पत्रिका चालू है - इलेक्ट्रॉनिक्स रूप से सक्षम परियोजना वार म्यूनिसिपल बजट व्यय सूचना अधूरी है - सेवा आपूर्ति में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर विलंब शुल्क लगता है - गत तीन वित्तीय वर्षों के दौरान आंतरिक रूप से सृजित राजस्व कार्य प्रगति पर है - वेतन के भुगतान पर खर्च का ब्योरा पूर्ण है - निगम के आय और व्यय का ऑडिट होता है लेकिन रार बरकरार है - शुल्क और प्रयोक्ता प्रभारों से किराया तथा अन्य आंतरिक राजस्व स्रोतों के अंशदान का प्रतिशत कर राजस्व कार्य प्रगति पर - जल आपूर्ति की स्थापना और अनुश्रवण लागत का प्रतिशत पूर्ण है - 2014-15 के दौरान प्रमुख कार्यों के लिए उपयोग आंतरिक राजस्व स्रोतों के अंशदान का प्रतिशत है - महानगर बस सेवा संचालित है। गंगाजल परियोजना और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी चालू हो चुका है - कूड़ा निस्तारण का कार्य रुका है- उप्र में सबसे अधिक भूमि निगम के पास इस प्रोजेक्ट के लिए है। कंपनी का चयन हो चुका है - देश की सबसे बड़ी छावनियों में तीसरे स्थान पर है मेरठ छावनी। - मेरठ में दो पैराशूट इकाई हैं। - मेरठ में हवाई पट्टी से प्रशिक्षण उड़ानें होती हैं - मेरठ की आबादी 20 लाख है - 1857 की क्रांतिधरा के साथ महाभारत-रामायण कालीन धरोहर है मेरठ - कैंची, स्पोर्ट्स, विश्वस्तरीय ज्वैलरी का हब है मेरठ - फ्रेट कॉरिडोर के साथ मेट्रो रेल का प्रोजेक्ट
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स्मार्ट सिटी के लिए ये सब हुआ
- प्रपोजल तैयार करने में कंसलटेंट ने लगाए 20 लोग
- स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग को निगम का लगा पूरा अमला
- भाजपा जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने वोटिंग कराने में लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा,
- 15 दिन में 6.22 लाख लोगों ने की स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग,
- निगम खजाने से प्रपोजल पर खर्च किए गए लगभग दस लाख रुपये
- शहर में वोटिंग के लिए रात-दिन जागा पूरा शहर 
कोट
- हमें पूरी उम्मीद है कि स्मार्ट शहरों की सूची में मेरठ का नाम जरूर शामिल होगा। मेरठ के प्रपोजल को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय में ससम्मान स्वीकार किया गया था। मेरठ तो स्मार्ट सिटी बनना तय है।- हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
- मेरठ का स्मार्ट सिटी बनना तो तय है। प्रपोजल भी अच्छा गया है। सरकार भी स्मार्ट सिटी को लेकर गंभीर है। हमें पूरी उम्मीद है मेरठ स्मार्ट सिटी होगा।- राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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- मेरठ स्मार्ट सिटी बनेगा। इस बार की सूची में मेरठ का नाम होगा। ऐसा हमारा विश्वास है। केंद्र सरकार पहले से ही मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने का मन बनाए हुए है।- सत्यप्रकाश अग्रवाल, कैंट विधायक
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- स्मार्ट सिटी पर राज्य सरकार पहले ही अपनी मोहर लगा चुकी है। अब केंद्र सरकार तय करेगी कि मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाए या नहीं। हम पूरी तरह मेरठ के स्मार्ट सिटी बनने की पैरवी करते रहेंगे।- शाहिद मंजूर, कैबिनेट मंत्री उप्र सरकार
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