हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत मंदिर पर विश्व की सुख-शांति व समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का 19वीं बार शुभारंभ किया गया।
आचार्य विद्यासागर महाराज, आचार्य भारत भूषण मुनिराज के मंगल आशीर्वाद एवं बाल ब्रह्मचारी सुनीता दीदी के पावन निर्देशन व विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री के मंत्रोच्चारण के साथ रमेशचंद जैन, पंकज जैन, प्रीति जैन ने झंडारोहण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, विजय कुमार जैन ने विद्वानों को शास्त्र भेंट किया। सुनील जैन और सुशील जैन ने उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों एवं बाहर से आए यात्रियों का मंगल तिलक व माला-मुकुट पहनाकर सम्मान किया। सुनीता दीदी ने भजन प्रस्तुत किया।
48 दिवसीय भक्तामर विधान का मुख्य कलश लेने का सौभाग्य उमेशचंद जैन व रिषभ जैन को प्राप्त हुआ। प्रथम स्वर्ण कलश से शीनू जैन, दिनेश जैन बसंत ने अभिषेक किया। मंगलदीप प्रज्ज्वलन ललिता जैन, राजीव जैन ने किया। भगवान आदिनाथ जिनालय में सौरभ जैन, सानिध्य जैन, विवेक जैन, प्रदीप जैन गुड्डू ने शांतिधारा की। कुसुमलता जैन ने शास्त्र भेंट किए। प्रथम दिन 171 परिवारों ने विधान का आयोजन कराया।
प्रबंधक मनोज जैन ने बताया कि 56 परिवारों की ओर से प्रतिदिन विधान का आयोजन होगा। सुनीता दीदी के मंत्रोच्चारण से विधान का शुभारंभ हुआ। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सौरभ जैन को प्राप्त हुआ। भारत भूषण महाराज ने कहा कि भक्तामर पाठ की महिमा अपरंपार है। इसके स्मरण से संसार के सभी रोग-शोक, विघ्नों का निवारण सहजता से स्वतः ही हो जाता है।
विधान के बाद भक्तामर पाठ का वाचन वीरेंद्र जैन एवं गुरुकुल के बच्चों द्वारा किया गया। आरती का दीप प्रज्ज्वलन कुसुमलता जैन, कमला जैन व अंजू जैन द्वारा किया गया। प्रश्न मंच के पुरस्कार विपिन जैन ने वितरित किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में जीवेंद्र जैन, मुकेश जैन, राजेंद्र जैन, सुनील जैन का सहयोग रहा।