मेरठ। सरकारी राशन पर माफिया हावी हैं। जनता तक पहुंचते-पहुंचते यह राशन आधा रह जाता है। इसमें गोलमाल कई स्तर पर है। अमर उजाला ने इस व्यवस्था की पड़ताल की तो कई जगह झोल नजर आए। अंत में इसका नुकसान गरीबों को उठाना पड़ रहा है। वहीं, कई राशन डीलरों की दुत्कार भी झेलनी पड़ती है। इसके बावजूद अधिकारी एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
राशन डीलरों से करते हैं घटतौली
विभागीय सूत्र बताते हैं कि एफसीआई से आरएफसी के गोदाम तक पहुंचते-पहुंचते गेहूं एवं चावल घट जाता है। इसकी शिकायत पर आरएफसी ने एफसीआई से राशन लेने वाले ट्रकों पर निगरानी शुरू कराई थी। आरएफसी गोदाम संचालक गेहूं एवं चावल का वजन पूरा करने के लिए राशन डीलरों से घटतौली कराते हैं।
ये है घटतौली का तरीका
साबुन गोदाम, खिर्वा रोड, रजपुरा, खरखौदा, मवाना एवं परीक्षितगढ़ ब्लॉक में आरएफसी गोदाम हैं। यहां से डीलरों को राशन वितरित होता है। सरकार ने राशन देने से पहले तुलाई की व्यवस्था गोदामों पर कर रखी है। गोदामों से निकलकर राशन डीलर तक पहुंचने वाला खाद्यान्न चिह्नित धर्म कांटों पर तौला जाता है। बताया कि एक-एक दुकान पर 100 से तीन सौ कुंतल तक राशन पहुंचता है। गेहूं एवं चावल के पचास-पचास किलो के बोरे होते हैं। एक खाली बोरे का वजन 600 से 650 ग्राम होता है। बताया कि राशन डीलर को खाद्यान्न देते समय बोरों के वजन का अतिरिक्त गेहूं एवं चावल नहीं दिया जाता है। जिससे डीलर गरीबों से अधिक कटौती करता है।
डीलरों की शिकायतों को लेकर एसडीएम ने मार्च में बैठक बुलाई थी। जिसमें डीलरों को पूरा राशन देने के निर्देश दिए थे। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह बता सकता है।-सत्येंद्र सिंह डिप्टी आरएमओ
डीलरों को धर्मकांटे से पूरा राशन लेकर आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। यदि कम राशन दिया जा रहा है तो शिकायत करें ताकि मौके पर पहुंच सकें। डीलर कार्ड धारक को पूरा राशन दें।-नीरज सिंह जिला आपूर्ति अधिकारी
5 दिन में साढे़ तीन लाख परिवारों को राशन
मेरठ। राशन वितरण में प्रशासन की शक्ति काम आई है। इससे राशन सात दिन में बंट जाएगा। फिर द्वितीय चरण का निशुल्क चावल और दाल का वितरण होगा। हालांकि अप्रैल में ही सरकार ने तीन माह का राशन बांटने का निर्णय किया है। पांचवें दिन रविवार तक जनपद के साढे़ तीन लाख परिवारों तक राशन पहुंच गया। हालांकि जनपद में पौने पांच लाख राशन कार्ड धारक हैं। दो दिन के भीतर प्रथम चरण पूर लिया जाएगा। 24 दुकानदारों की दुकानें खोलने और बंद करने में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई। डीएसओ नीरज सिंह का कहना है कि अप्रैल में तीन माह का राशन प्रत्येक कार्ड धारक के घर पहुंचाया जाएगा। इनका कहना है कि दो-तीन दिन में निशुल्क चावल और दाल आवंटन की तैयारी है। एक-दो दुकानदारों को लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
निगरानी कम होते ही गिरा दिए शटर
मेरठ। राशन वितरण में जुटी मशीनरी हाफ गई है। इस पर डीलरों ने एजेंसी खोलने में मनमानी शुरू कर दी है। अमर उजाला ने एजेंसियों पर ताले लटके मिलने के संबंध में जिला पूर्ति इंस्पेक्टर से जानकारी की तो उन्होंने घर बैठे ही खुले होने की सूचना जारी कर दी। बुढ़ाना गेट स्थित पूर्व अहिरान में पंकज की एजेंसी है। यह दोपहर 12:00 बजे तक नहीं खुली। हालांकि सप्लाई इंस्पेक्टर तारावती दुकान ने इसे सुबह से ही खुले होने की जानकारी दी। वहीं, डीएसओ नीरज सिंह ने बताया कि तत्काल मौके पर पहुंचकर एजेंसी खुलवाएंगे। इसके बाद डीलर पंकज ने 12:30 बजे एजेंसी खोली। उनका कहना है कि वह गोदाम से राशन लेने गए हुए थे।
अंगूठा लगवाया पर नहीं दिया राशन, हंगामा
जाकिर कॉलोनी स्थित एजेंसी शरीफ चलाते हैं। यहां रविवार को स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। इरशाद, गुलिस्ता, फज्रउद्दीन, इमरान, इरफान आदि ने आरोप लगाया कि डीलर ने अंगूठे तो लगवा लिये परंतु राशन अगले माह देने की जानकारी दी। उनका आरोप है कि अधिक रुपये वसूले जा रहे हैं। यह डीलर दोपहर 1:00 बजे एजेंसी बंद करके चला गया।