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...जब मुजफ्फरनगर के माथे से मिटा था अपराध की राजधानी का धब्बा, वेब सीरीज भौकाल में दिखेगी पूरी कहानी

Tue, 17 Mar 2020 02:03 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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नवनीत सिकेरा - फोटो : अमर उजाला
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डेढ़ दशक पहले का माहौल, बदमाशों का खौफ ऐसा कि मुजफ्फरनगर के माथे पर अपराध की राजधानी का बदनुमा दाग लग गया था। प्रति व्यक्ति आय में उस समय देशभर में अव्वल मुजफ्फरनगर का यह हाल था कि लोग यहां आते हुए खौफ खाते थे। अपहरण और संगठित अपराध यहां की पहचान बन गए थे। हत्या, लूट और डकैती की ताबड़तोड़ वारदातें हो रही थीं। इसके बाद पुलिस बदमाशों पर टूट पड़ी और जिन बदमाशों से लोग खौफ खाते थे, वह पुलिस से खौफ खाने लगे। ‘सुपर कॉप’ बन कर उभरे आईपीएस नवनीत सिकेरा के उस दौर में हुए बदमाशों के खात्मे की कहानी को वेब सीरीज भौकाल में दिखाया जा रहा है। 

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इस फिल्म में नवनीत सिकेरा के किरदार का नाम नवीन सिकेरा है, कुछ अन्य किरदार के नाम भी बदले गए हैं। वेब सीरीज की शुरुआत में ही मेरठ में तैनात आईजी नवीन सिकेरा को मुजफ्फरनगर एसएसपी के पद पर तैनाती का पत्र देते हुए कहते हैं कि इस देश में दो राजधानी है, एक दिल्ली जहां कानून बनाए जाते हैं, दूसरी मुजफ्फरनगर (क्राइम कैपिटल) जहां कानून तोड़े जाते हैं। दरअसल, आईपीएस नवनीत सिकेरा के मुजफ्फरनगर जिले में 15 माह के कार्यकाल में बड़े- बड़े इनामी और शातिर अपराधियों को मार गिराया था। 

उन्होंने यहां करीब 55 बड़े अपराधियों का एनकाउंटर किया था। आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग करने वाले सिकेरा ने तब सर्विलांस के जरिए अपराधियों का खात्मा कर जिले के लोगों को बड़ी राहत दिलाई थी। थानाभवन में बिट्टू कैल का एनकाउंटर करने पर तत्कालीन डीआईजी चंद्रिका राय ने उन्हें सिकेरा के बजाए नवनीत ‘शिकारी’ कह कर संबोधित किया था। वर्तमान में नवनीत सिकेरा आईजी पुलिस आवास निगम हैं। उनकी टीम में शामिल रहे तत्कालीन भोपा एसओ विनोद सिरोही अब डीएसपी हैं और एसटीएफ में तैनात हैं।

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शौकीन, बिट्टू और नीटू कैल ने फैलाई थी दहशत 
छपार थाना क्षेत्र के गांव बरला निवासी शौकीन के अलावा थानाभवन क्षेत्र के गांव कैल शिकारपुर निवासी बिट्टू और नीटू ने आपराधिक वारदात से जिले में दहशत फैलाई थी। शौकीन ने गांव के ही दो लोगों की हत्या करने के अलावा अपहरण और हत्या की कई वारदात अंजाम दी थीं, जिसके बाद शौकीन का एनकाउंटर हुआ था। इसी तरह नीटू और बिट्टू ने भी ताबड़तोड़ वारदात अंजाम दी थीं। इन्होंने पुलिस पर हमला कर कारबाइन भी लूट ली थी।  इनको भी मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

इन बदमाशों को किया था ढेर
जिले में 6 सितंबर 2003 से लेकर एक दिसंबर 2004 तक नवनीत सिकेरा एसएसपी रहे। इस दौरान 55 शातिर और इनामी बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर किया। इनमें 20 हजार का इनामी शौकीन, पूर्वांचल का शातिर शैलेश पाठक, बिजनौर का छोटा नवाब, रोहताश गुर्जर, मेरठ का शातिर अंजार, पुष्पेंद्र, संदीप उर्फ नीटू कैल, नरेंद्र उर्फ बिट्टू कैल आदि कुख्यात बदमाश शामिल रहे।

उपराष्ट्रपति ने मांगी थी जानकारी
वर्ष 2004 में तत्कालीन उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत शुकतीर्थ में कारगिल स्मारक पर विजय टैंक का लोकार्पण करने आए थे। तब उन्होंने शुकदेव आश्रम में एसएसपी सिकेरा से पूछा था कि यहां पर अपराध क्यों है, इस बारे में जानकारी मांगी थी। सिकेरा ने दिल्ली जाकर इस संबंध में तत्कालीन उप राष्ट्रपति को पूरी जानकारी दी थी।

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