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Meerut News: पृथक हाईकोर्ट बेंच का गठन पश्चिमी यूपी की सबसे बड़ी दरकार, इसे लेकर रहेंगे

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की पश्चिमी बेंच के गठन के मुद्दे पर मेरठ बंद को मिले प्रचंड जन समर्थन के बाद वकीलों के आंदोलन को उम्मीदों के पंख लगने के आसार हैं। इस मसले पर शहर के हर वर्ग की एकजुटता ने साबित कर दिया कि पांच दशक पुराना यह संघर्ष आने वाले समय में रंग ला सकता है। मेरठ बंद की अपार सफलता से उत्साहित दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने कचहरी परिसर में बैठक कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। साथ ही पृथक बेंच के सवाल पर चरणबद्ध तरीके से रणनीतिक लड़ाई का एलान किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट की पृथक बेंच पश्चिमी यूपी की सबसे बड़ी जरूरत है। इसे हम हर कीमत पर लेकर रहेंगे।
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मेरठ बंद की सफलता के दूसरे दिन कचहरी परिसर में वकीलों का उत्साह देखते बन रहा था। दोपहर के वक्त पश्चिमी बेंच के आंदोलन की सफलता के लिए रणनीति बनाने को जिला बार एसोसिएशन और मेरठ बार एसोसिएशन के पदाधिकारी इकट्ठा हुए। कचहरी परिसर में दोनों बार एसोसिएशनों की अलग-अलग बैठकें हुईं। जिला बार में राजीव कुमार त्यागी, अमित राणा, रविंद्र कुमार सिंह, धीरेंद्र तोमर, वीके शर्मा, बिस्बाहुददीन सिद्दीकी, विक्रम सिंह तोमर, अनिल कुमार तोमर, रामपाल सिंह, जौहरीमल, संतोष कुमारी, अनोज कुमार गिरि, रामगोपाल शर्मा, दिलशाद अलवी, मीनाक्षी यादव, आकाश कुमार शर्मा सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं, मेरठ बार एसोसिएशन की बैठक में संजय शर्मा, एमपी शर्मा, गजेंद्र सिंह धामा, मांगेराम, उदयवीर राणा, स्वर्ण सिंह, ब्रहम सिंह, गजेंद्र पाल सिंह, चौधरी राज सिंह, महेंद्र पाल गुप्ता, प्रबोध शर्मा, देवकीनंदन शर्मा, परवेज आलम सहित कई अधिवक्ताओं ने बंद पर मिले समर्थन के लिए शहर की जनता का आभार जताया। साथ ही बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक संगठनों के एकजुट सहयोग के लिए धन्यवाद प्रकाश किया। दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने पश्चिमी बेंच के मुद्दे पर जल्द ही ठोस रणनीति बनाने की घोषणा की।
कोट
शीघ्र, सस्ता व सुलभ न्याय पश्चिमी यूपी की जनता को नहीं मिल पा रहा है। राजनीतिक दलों की आपसी प्रतिद्वंद्वता के चलते क्षेत्र की जनता त्वरित न्याय से वंचित रह जा रही है। हाईकोर्ट बेंच का गठन शीघ्र होना चाहिए, अन्यथा आरपार का संघर्ष होगा। -चौधरी ब्रह्मपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन।
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हाईकोर्ट बेंच सिर्फ मांग नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी की जनता की सबसे बड़ी जरूरत है। इस क्षेत्र की जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मुकदमों के दाखिले से लेकर पैरबी तक के लिए सात सौ किमी दूर का सफर वादकारियों को तय करना पड़ रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए। -गजेंद्र सिंह धामा, पूर्व अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन।

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राजनीतिक पार्टियां हाईकोर्ट बेंच पर जब तक राजनीति करना बंद नहीं करेंगे तब तक इस दिशा में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होगा। जन प्रतिनिधियों को क्षेत्र की जनता का दर्द महसूस करना चाहिए। पश्चिमी यूपी की जनता को न्याय पाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चक्कर लगाते -लगाते दशकों गुजर जाते हैं। - डॉ. ओपी शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन।

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केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की पश्चिमी बेंच के गठन के मुद्दे के प्रति लंबे समय से चली आ रही उदासीनता बेहद चिंताजनक है। अगर शीघ्र यह मांग पूरी नहीं की जाती तो अब करो या मरो... वाली रणनीति अपनाएंगे। इस हक को लेकर रहेंगे। -एमपी शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन।
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