हस्तिनापुर। लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को गंगा का जलस्तर 2.20 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था, परंतु रविवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लेकिन जलस्तर कम होने के साथ ही गंगा कटान तेज कर दिया। इससे ग्रामीण भयभीत हैं।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि रविवार शाम 5:00 बजे गंगा का जलस्तर 1.35 लाख क्यूसेक चल रहा है। वहीं हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी चल रहा है।
ग्रामीण इंद्रजीत सिंह जयंत, ग्राम प्रधान मनोज कुमार, राजू चौहान, शिव कुमार, प्रेम सिंह आदि ने बताया कि गंगा इस समय भीषण कटान कर रही है। उनके गांव के समीप खड़ी हजारों हेक्टेयर फसलें गंगा में समा चुकी हैं। अब गंगा की धारा उनके गांव की ओर सीधी हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कटान इसी तरह चलता रहा तो अगले कुछ दिनों में गंगा कटान करते हुए उनके गांव में पहुंच जाएगी। कटान को देखते हुए पलायन का खतरा गांव पर मंडरा रहा है।
उधर, गांव के चारों ओर पानी भरा हुआ है। गंगा के कटान से पूरा गांव भयभीत है। ग्रामीण रात जाग कर बिता रहे हैं। निगरानी की जा रही है कि कहीं गंगा का पानी रात के समय उनके गांव में न पहुंच जाए।
लगातार स्थिति का जायजा ले रहे अधिकारी
बस्तौरा नारंग गांव के सामने गंगा का कटान तेज होने से मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा आदि गांव में प्रशासनिक अधिकारी लगातार पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं। ग्रामीणों को आश्वासन दिया जा रहा है कि गंगा का जलस्तर कम होने पर बाढ़ से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
हजारों हेक्टेयर फसल गंगा में समाई
खादर क्षेत्र में बाढ़ के बाद गंगा का कटान तेज हुआ है, जो ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। इसे देखकर ग्रामीण भयभीत हैं। अभी तक खादर क्षेत्र में किसानों की हजारों हेक्टेयर तैयार फसल गंगा में समा गई है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट भी गहरा रहा है। ग्रामीण लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कटाव निरोधक प्रबंध करने की मांग कर रहे हैं।