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बूढ़ी गंगा में केमिकल युक्त पानी का प्रवाह रुका

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बूढ़ी गंगा में केमिकल का प्रवाह बंद होने से बदलने लगा पानी का रंग स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में बूढ़ी गंगा में बह केमिकल युक्त पानी का प्रवाह रुक गया है। समस्या झेल रहे किसानों ने राहत की सांस ली है। बृहस्पतिवार को बूढ़ी गंगा में केमिकल युक्त पानी की जगह बारिश के पानी का बहाव अधिक दिखा। अमर उजाला द्वारा लगातार समस्या को उठाए जाने के बाद आखिरकार पानी का रंग बदलता दिखाई दिया।
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खादर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के आसपास जंगल के बीच से बहने वाली प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा में केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा था। इससे न सिर्फ जलीय जीवों की जान संकट में थी, बल्कि खादर क्षेत्र के कई किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल भी केमिकल युक्त पानी की भेंट चढ़कर नष्ट हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत भी की, परंतु समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद 28 जुलाई से लगातार किसानों की इस बड़ी समस्या को लेकर अमर उजाला ने लगातार अभियान चलाया। खबर प्रकाशित होने पर विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए इस पर कार्रवाई शुरू की।
बृहस्पतिवार को केमिकलयुक्त पानी बूढ़ी गंगा में देखने को नहीं मिला। बूढ़ी गंगा में जो पानी अब तक काले रंग का नजर आ रहा था, वह साफ होता नजर आया। इससे स्थानीय किसानों ने राहत की सांस ली है।
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गांव बामनोली निवासी किसान साहब सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह काले पानी का रंग बदल गया और अब बारिश का प्राकृतिक पीला पानी आ रहा है। इससे रासायनिक पानी पूरी तरह बंद होता नजर आ रहा है। अमर उजाला की मुहिम रंग लाई। केमिकल युक्त पानी के बंद होने से खादर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने बताया कि कई महीने से बूढ़ी गंगा की धारा में रासायनिक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे न सिर्फ फसल नष्ट हो रही थी, बल्कि खादर क्षेत्र के गांवों के नलों का पानी भी प्रदूषित होने लगा था।


मुजफ्फरनगर की सीमा से ही आने लगा शुद्ध पानी
अब जनपद मुजफ्फरनगर सीमा से ही केमिकल युक्त पानी का बहाव का बंद होने से धीरे-धीरे यह पानी शुद्ध होता जा रहा है। स्थानीय किसानों ने उम्मीद जगाई है कि अगले दो दिनों में पानी पूरी तरह प्राकृतिक और शुद्ध हो जाएगा। इस पानी से न सिर्फ किसानों की खेती को लाभ होगा, बल्कि जलीय जीवों के लिए भी अब अनुकूल स्थिति होगी।

बूढ़ी गंगा में केमिकल का प्रवाह बंद होने से बदलने लगा पानी का रंग स्रोत संवाद

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