संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। गांव पांचली बुजुर्ग में बना सार्वजनिक शौचालय में फैली गंदगी ने स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोलकर रख दी है। जिस योजना के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है। जमीनी हकीकत कुछ ओर से बयां कर रही है। शौचालय गंदगी फैली हुई है। दुर्गंध के चलते लोगों का वहां जाना मुश्किल हो गया है। आसपास के लोगों को संक्रमण फैलने डर सता रहा है। आरोप है कि पिछले कई महीनों से शौचालय की नियमित साफ-सफाई नहीं कराई गई। जबकि देखरेख के लिए नियुक्त केयर टेकर को हर माह वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
ग्रामीण तरीकत, अहसान, नूरमोहम्मद, मोजू ने बताया कि शौचालय में न तो पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही सफाईकर्मी नियमित रूप से आते है। सीटों के आसपास गंदगी जमी हुई है और नालियां चोक पड़ी हैं। हालात यह हैं कि मजबूरी में लोग खुले में शौच जाने को विवश हो रहे है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शौचालय की सफाई और रखरखाव के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। केयर टेकर की तैनाती होने के बावजूद शौचालय की बदहाल स्थिति भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। शौचालय की दुर्दशा ने स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोल दी है। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शौचालय की तत्काल सफाई कराकर नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
पंचायत सचिव रवि सोम का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
सरूरपुर। गांव पांचली बुजुर्ग में सर्वजानिक शौचालय में फैली गंदगी। संवाद