गन्ना पर्ची जारी होने पर किसानों को नहीं मिल रहा मेसेज
माछरा/मुंडाली। सहकारी गन्ना विकास समिति मेरठ द्वारा गन्ना पर्चियाें का मोबाइल पर मेसेज न भेजने के कारण किसानों को पर्ची आने का पता नहीं चल पा रहा है। जबकि गन्ना विभाग के निर्देश हैं कि गन्ना पर्ची जारी होते ही किसान के मोबाइल पर मेसेज भेजा जाएगा।
नंगलामल शुगर मिल द्वारा गन्ना आपूर्ति के लिए किसानों को सहकारी गन्ना विकास समिति के माध्यम से गन्ना पर्ची भिजवाने की व्यवस्था है। प्रदेश के गन्ना विभाग ने सहकारी गन्ना विकास समितियों को निर्देशित किया था कि किसान को गन्ना पर्ची भेजने से पूर्व मोबाइल पर मेसेज भेजा जाना चाहिए, परंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी, सुरेश त्यागी, मुकेश त्यागी आदि ने बताया कि उनकी गन्ना पर्चियां आ गई हैं, परंतु मेसेज नहीं आया। जो गन्ना पर्चियां आई हैं, उन्हे दो दिन बाद मिली हैं, क्योंकि पर्चियों के आने का कोई मेसेज नहीं मिला था। किसानों ने बताया कि मेरठ-गढ़ मार्ग के ज्यादातर किसान नंगलामल शुगर मिल को ही गन्ना आपूर्ति करते हैं और क्षेत्र के किसान सहकारी गन्ना विकास समिति मेरठ के माध्यम से नंगलामल मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैँ। लेकिन सहकारी गन्ना विकास समिति द्वारा मेसेज न भेजने के कारण किसान परेशान हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति के अतुल त्यागी ने बताया कि कुछ किसानों के मोबाइल नंबर किसी वजह से डिलीट हो गए थे। वहीं कुछ किसानों ने मोबाइल नंबर समितियों को दिए ही नहीं हैं। जिस कारण कुछ किसानों के पास ही मेसेज पहुंच पा रहा है। तकनीकी गड़बड़ी भी हो रही थी, जो अब ठीक हो गई है। अब किसानों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर लगातार मेसेज जाने लगेंगे। जिन किसानों के नंबर नहीं हैं, उन्हे मोबाइल नंबर समिति में देने को कहा गया है।