मेरठ। बाबा मनोहरनाथ मंदिर सूरजकुंड में भक्त माल की कथा हुई। पंडित विष्णु दत्त त्रिवेदी ने परम भक्त शबरी का चरित्र भी सुनाया। उन्होंने कहा कि शबरी निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। शबरी की कथा समाज के भेद भाव को मिटाती है। भगवान की भक्ति कोई भी कर सकता है। भगवान ऊंच, नीच, जात, पात नहीं देखते है। महामंडलेश्वर गुरु मां नीलिमानंद महाराज, मुख्य यजमान ब्रजेश ठाकुर, उमनेश ठाकुर, उमेश त्यागी, नेहा, मुक्ता चौधरी रहीं। ब्यूरो