मेरठ में आउटर और रिंग रोड का सपना अधूरा
मेरठ। एक बार फिर मेरठ को न्यू मेरठ की तर्ज पर चमकाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्लान तैयार किया है। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सात नगर निगमों में मेरठ को भी शामिल किया गया था। इस प्लान को अमलीजामा पहनाने के लिए एमडीए, नगर निगम, जल निगम सहित अन्य विभागों को जिम्मा दिया गया। हालांकि, इस प्लान पर चर्चा के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक हो गई है। वर्ष - 2024/25 तक स्मार्ट सिटी के प्लान पर कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्लान कागजों से निकलकर धरातल पर कब पहुंचेगा, ये विभागों के लिए चुनौती भरा रहने वाला है।
इस प्लान में मेरठ विकास प्राधिकरण को शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और ई-गवर्नेंस, सिटीजन सर्विसेज को स्मार्ट करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस प्लान को सफल बनाने के लिए दो चरणों में एमडीए को इसे पूरा करना है। इसमें पहला चरण अरबन मोबिलिटी (शहरी क्षेत्र को परिवहन क्षेत्र में रफ्तार) और दूसरा चरण ई-गवर्नेंस हैं। सरकार ने स्मार्ट सिटी के प्लान पर अमल करने के लिए 250 करोड़ का बजट रखा है। इसमें प्रति वर्ष 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, एमडीए द्वारा बनाई गई महायोजना-2021 में ऐसे कई कार्य हैं जो अधूरे रह गए। जिसमें शहर से बाहर बस अड्डा, इनर रिंग रोड, आउटर रिंग रोड आदि शामिल हैं। अभी इनर रिंग रोड का कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। आउटर रिंग रोड तो फाइलों से निकलकर बाहर नहीं आ सकी।
ये कार्य करने होंगे
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम - इस प्लान में शहर के चौराहों से अतिक्रमण हटाते हुए ट्रैफिक लाइटों के द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारु करना।
इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट - इस प्लान को रैपिड रेल के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। एनसीआरटीसी मेरठ में इस प्लान पर कार्य कर रहा है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट में एक ही स्थान पर बस अड्डा और रेलवे स्टेशन होने चाहिए।
स्मार्ट पार्किंग फैसिलिटीज - सरकार ने शहर के प्रमुख बाजारों में स्मार्ट पार्किंग फैसिलिटीज देने की योजना तैयार की है। इसमें रोबोट पार्किंग का सबसे ज्यादा महत्व हैं। जिससे आसानी से कई फ्लोर तक कार पार्क हो सकें।
स्मार्ट रोड़्स - शहर की सड़क की चौड़ाई, लंबाई आदि की जांच करना। ऐसी सड़के बनाईं जाएं जिससे दुर्घटना रहित सफर का दावा किया जा सके। वहीं, सड़क पर कैमरों के द्वारा दुर्घटनाओं की सीधे मॉनिटरिंग की जा सके।
इससे ये लाभ होंगे
भीड़भाड़ कम होने से वायु प्रदूषण घटेगा
पैदल यात्रियों के लिए भी पथ बनाया जाएगा
साइकिल के लिए अलग से ट्रैक बनाया जाएगा