मेरठ। कचहरी परिसर में प्याऊ कोर्ट के सामने अवैध रूप से बनाए गए चैंबर को लेकर तीन दिनों से चला आ रहा विवाद शनिवार शाम खत्म हो गया। जिला जज के नियमानुसार चैंबर दिलाने के आश्वासन के बाद संबंधित अधिवक्ताओं ने स्वयं ही अस्थायी रूप से बनाए गए चैंबर को खाली कर दिया।
विज्ञापन
बताया गया है कि मेरठ कचहरी स्थित प्याऊ कोर्ट में लगभग दस वर्ष पूर्व तक न्यायालय संचालित होते थे। भवन की हालत जर्जर होने के कारण कोर्ट को बंद कर दिया गया था और उक्त स्थान काफी समय से खाली पड़ा हुआ था। हाल ही में वहां न्याय विभाग का कंप्यूटर सेक्शन स्थापित किए जाने की योजना पर भी विचार चल रहा था। शीतकालीन अवकाश के बाद एक जनवरी को कचहरी खुलने पर यह सामने आया कि कुछ अधिवक्ताओं ने प्याऊ कोर्ट के गेट के बाहर खाली जमीन पर लोहे के जाल का गेट लगाकर अस्थायी चैंबर बना लिए हैं। इनमें ठाकुर उमेश चौहान, संजीव कुमार शुक्ला, सुनील शर्मा, चंद्रभान, चौधरी सैफ, सुशीला लोधी, फरहीन खान और सानिया खान शामिल थे। मामला तूल पकड़ गया। विवाद को लेकर मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री राजेंद्र सिंह राणा तथा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव त्यागी और महामंत्री अमित राणा ने जिला जज से मुलाकात की। बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। शनिवार को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी जिला जज से भेंट की। इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
विज्ञापन
शनिवार शाम तक जिला जज और संबंधित अधिवक्ताओं के बीच बातचीत चलती रही। जिला जज द्वारा नियमानुसार चैंबर उपलब्ध कराए जाने का भरोसा दिए जाने के बाद अधिवक्ताओं ने शाम करीब छह बजे अस्थायी रूप से बनाए गए चैंबर हटा दिए, जिसके साथ ही विवाद का पटाक्षेप हो गया।
मेरठ..कंवलजीत..कचहरी में सरकारी जगह पर कब्जा कर खुद को जाल में कैद कर आज भी हंगामा करते रहे वकी
मेरठ..कंवलजीत..कचहरी में सरकारी जगह पर कब्जा कर खुद को जाल में कैद कर आज भी हंगामा करते रहे वकी