संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गांव रोहटा-रासना मार्ग पर स्थित झंडा वाली कुटी व गांव रासना में प्राचीन शिव मंदिर पर एक दिवसीय देवी के मेले का आयोजन किया गया। जिसमें आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना करते हुए प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी। वहीं लोगों ने मेले घूमते हुए जमकर खरीदारी की।
मंदिर के महंत रामगिरी ने बताया कि पूर्वजों के अनुसार यह मेला 300 साल से रीति रिवाज के अनुसार लगता आ रहा हैं। हर वर्ष नवरात्र पर एक दिन के लिए देवी के मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के गांवों से हजारों लोगों को उनकी आस्था यहां खींच लाती है। पूर्वजों के अनुसार यह झंडा वाली कुटी के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इसमें मां शेरावाली, शिव, पार्वती, हनुमान, गणेश, माता दरबार व बाबा गुलाब सिंह के मंदिर है। माना जाता है कि वर्षों पहले बाबा गुलाब सिंह ने इस मंदिर की स्थापना की थी। तब से परंपरागत रूप से यह आस्था लोगों में बनी हुई है। बताया जाता है कि इस मंदिर में महंत का स्थान वंशागत हैं जो कि अब तक चला आ रहा है। सोमवार को देवी मंदिर पर एक दिवसीय मेले का भव्य आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं के लिए लगाया प्याऊ
रोहटा। रासना के प्राचीन शिव मंदिर पर नवमीं पर देवी के मेले का आयोजन किया गया। मंदिर में सुबह से ही प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जमा हो गई। आसपास के लोगों ने अपने वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली, भैंसा-बुग्गी से पहुंचकर पूरे परिवार के साथ मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हुए मन्नत मांगी। इस दौरान ग्लोबल पब्लिक स्कूल रासना की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ लगाया गया। प्रधानाचार्य अल्पना शर्मा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं को आरओ के पानी की बोतल का वितरण किया गया। इस दौरान नीतू तोमर, संगीता, गीतांजलि, वर्षा, करुणा, रेणु चौधरी मौजूद रही।