उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए वे अपनी इबादतगाह में इबादत करें और हम अपनी इबादतगाह में इबादत करें। उन्होंने दोनों वर्ग के लोगों से आह्वान किया कि आपस में मिल जुल कर रहें और इस प्रकार के दिखावों से दूर रहें।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा जिस तरह की नमाज अदा करने और हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले सामने आए हैं, यह हो सकता है कि किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो, इसलिए पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे दोनों मामलों में गंभीरता से जांच करें।
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