नौचंदी क्षेत्र में मिले शव को लोहिया नगर क्षेत्र में फेंकने का वीडियो हुआ था वायरल
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- 48 घंटे बीत जाने के बावजूद पहचान नहीं करा सकी लोहिया नगर पुलिस संवाद न्यूज एजेंसी मेरठ। पंचनामे की कार्रवाई से बचने के लिए नौचंदी पुलिस ने लोहिया नगर में फेंके गए शव की शिनाख्त 48 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद नहीं हो सकी। पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहचान कराने का प्रयास रविवार को भी दिनभर किया लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी है। आज 72 घंटे पूरे होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यदि पहचान सोमवार को भी नहीं होती है तो लावारिश में शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुई। जिसमें बाइक सवार दो पुलिसकर्मी एक ई-रिक्शा में शव लेकर नौचंदी क्षेत्र से लोहिया नगर क्षेत्र में फेंकने के लिए लाए थे। संभवत: नौचंदी पुलिस ने हरकत जांच और पंचनामा की कार्रवाई से बचने के लिए की थी। सीसीटीवी फुटेज को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने शास्त्रीनगर एल. ब्लाक चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, बीट कांस्टेबल राजेश को निलंबित कर दिया था।
होमगार्ड रोहताश की सेवा समाप्त करने के लिए एसएसपी ने होमगार्ड कमांडेंट को चिट्ठी भेजी थी। बाद में लोहिया नगर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम हाउस में शव भेज दिया था। पुलिस ने मेरठ और आसपास के जिलों में वायरलैस कराकर शव की पहचान कराने का प्रयास किया लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर मृतक के फोटो वायरल किए गए। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि सोमवार को 72 घंटे पूरे होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी, उनकी जांच रिपोर्ट एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने दे दी है। जिसमें पुलिसकर्मी दोषी पाए गए है। इनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मौत का कारण हत्या हादसा या ठंड है, यह भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।