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मौत का ऐसा मंजर, घायल चीखते-चिल्लाते रहे और वो लूटकर सामान ले जाते रहे

Mon, 21 Aug 2017 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर, मेरठ
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घायल चीखते रहे और वो सामान ले जाते रहे
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खतौली में ट्रेन हादसे के बाद मची चीख पुकार के बाद जहां बचाव और राहत कार्य के लिए आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर जुटे तो पीएसी और पुलिस के जवान भी घायलों का निकालने में लग गये। वहीं कुछ लोग ट्रेन में चढ़कर घायलों का सामान भी ले गए।
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पुलिस प्रशासन को भीड़ को संभालने के लिए देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी। जगत कालोनी और आसपास के लोगों ने बताया कि हादसे के बाद घायलों को ट्रेन के डिब्बों से निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जा रहा था। मौके पर पुलिस भी भीड़ को संभालने में लगी रही। घायलों के परिजनों ने पुलिस अफसरों को बताया कि हादसे के बाद न तो ट्रेन में उनका बैग था, न ही मोबाइल फोन या घड़ी। जो भी सामान जिसे मिला वहीं लेकर चला गया। जब ट्रेन के डिब्बों की पुलिस और पीएसी टीम ने जांच की तो किसी भी यात्री या मरने वालों को कोई भी सामान नहीं मिला।
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पुलिस अफसर भी हैरान हो गए

ट्रेन में सवार यात्रियों की नकदी, अंगूठी, चेन, पर्स, मोबाइल और अन्य सामान नहीं मिलने से पुलिस अफसर भी हैरान हो गए। ट्रेन के डिब्बों और आसपास के स्थान पर जूते, चप्पल ही पड़े थे। किसी का हाथ कटा था तो किसी का पैर अलग था।

ट्रेन हादसा होने के बाद शुरुआत के आधा घंटे में ही असामाजिक लोगों ने मानवता को दरकिनार करते ऐसी करतूत है। अस्पताल में भर्ती सरजीत ने बताया कि उसकी उसका बैग नहीं मिला वहीं मोबाइल व अन्य सामान भी नहीं था। खतौली के अस्पताल में लायी गई सरोज ने बताया कि उसे तो पता नहीं चला कि क्या हुआ है। जब  तक उसे होश आया तो चीख पुकार मची थी। घायल मदद मांग रहे थे।

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