कंकरखेड़ा के पावली खुर्द गांव में बृहस्पतिवार रात दिल्ली के बदमाशों के बीच हुई गोलीबारी में एक युवक हनी लोहिया (25) की मौत हो गई, जबकि उसका चाचा तिलकराज गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों लोगों को लहूलुहान हालत में छोड़कर उनके साथी फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने भतीजे को मृत घोषित कर दिया। जबकि चाचा का उपचार चल रहा है।
पूछताछ में पता चला कि सरगना शक्ति नायडू दिल्ली का निवासी है, जिस पर दिल्ली से मकोका की कार्रवाई हो चुकी है। उनका टारगेट दिल्ली स्पेशल सेल के एसीपी (एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस) ललित मोहन नेगी थे। जिसकी छह माह प्लानिंग चल रही थी।
एसीपी का देहरादून आना जाना है, इसलिए बदमाश मेरठ से गुजरते वक्त एसीपी ललित मोहन नेगी की हत्या करना चाहते थे। बदमाश मेरठ में नेटवर्क खड़ा करना चाहते थे। इसके लिये मेरठ में एक इंस्पेक्टर विपिन कुमार की हत्या कर बदमाशों को अपने गैंग में जोड़ने का मकसद था। इंस्पेक्टर विपिन कुमार वर्तमान में बिजनौर में तैनात हैं और मेरठ में रहते हैं।
इंस्पेक्टर को मारने से मना करने पर सरगना ने अपने ही गैंग के चाचा भतीजे पर गोली चला दी। जिसमें भतीजे हनी लोहिया की मौत हो गई।
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह के मुताबिक दिल्ली का शातिर बदमाश शक्ति नायडू अपने साथी हनी, तिलक राज समेत चार साथियों के साथ कंकरखेड़ा के पावली खुर्द गांव में प्रॉपर्टी डीलर रितुराज सिंह के यहां पर आए थे। रितुराज का पल्लवपुरम में प्रापर्टी डीलिंग का ऑफिस है। गांव के बाहर सड़क पर शक्ति नायडू, रितुराज और उसके साथी आपस में बात कर रहे थे।
उनकी ईको स्पोर्ट्स गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर हनी और उसके बगल में उसका चाचा तिलक राज बैठा हुआ था। इसी दौरान बदमाशों में किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई।
गोलीबारी में हनी को सिर और गर्दन में तीन गोलियां लगीं जबकि तिलक राज के हाथ और पैर में दो गोलियां लगीं। गोलियां चलते ही रितुराज, शक्ति नायडू और अज्ञात लोग वहां से फरार हो गए। सूचना पर कंकरखेड़ा पुलिस के अलावा सीओ और एसएसपी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि हनी लोहिया (25) की मौके पर ही मौत हो गई थी। तिलकराज के पास पिस्टल और कारतूस मिले हैं। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि बदमाशों के बीच आपस में गोलियां चली थीं। जिसमें एक युवक हनी लोहिया की मौत हो गई है।