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शिक्षकों के लिए परेशानी बनी छात्रों की सूती यूनिफार्म

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शिक्षकों के लिए परेशानी बनी छात्रों की सूती यूनिफार्म
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मवाना। यूनिफार्म वितरण में सरकार की शर्त ने शिक्षकों के दिन का चैन व रात की नींद उड़ा दी है। 15 जुलाई तक छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म वितरित करनी है, लेकिन शर्त के चलते अभी तक स्कूल की क्रय समिति कपड़ा नहीं खरीद सकी है। दरअसल शर्त के अनुसार खरीदे जाने वाला कपड़ा पूरे जनपद में नहीं है। जिस कारण यूनिफार्म वितरण शिक्षकों के गले की फांस बन गई है।
यह किए थे आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जुलाई तक यूनिफार्म वितरण करने के निर्देश जारी किए हैं। इस बार सरकार ने प्रति बच्चा 600 रुपये दो जोड़ी यूनिफार्म के देने की घोषणा की। इसके साथ यूनिफार्म के लिए खरीदे जाने वाला कपड़ा 67 फीसदी सूती होने की शर्त भी लगा दी। यदि कपड़ा 67 फीसदी सूती नहीं मिला तो शिक्षक को जेल भेजने की चेतावनी दी है। 15 जुलाई तक हर हाल में यूनिफार्म वितरण करना है। जिसको लेकर शिक्षकों में बेचैनी है।
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नहीं मिल पा रहा कपड़ा
सरकार की शर्त के बाद विद्यालय की क्रय प्रबंध समिति कपड़े की खरीद के लिए दुकानों पर जा रही है, लेकिन 67 प्रतिशत सूती कपड़ा उन्हें नहीं मिल रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर मवाना क्षेत्र के कई शिक्षकों ने बताया कि दुकानदार आर्डर देने के एक महीने बाद कपड़ा उपलब्ध कराने का आश्वासन दे रहे हैं। वहीं, यूनिफार्म माफिया ने भी शिक्षकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। हालांकि 67 फीसदी सूती कपड़ा होने की गारंटी नहीं ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक परेशान हैं।
सितंबर तक थी 8 हजार से अधिक संख्या
मवाना देहात एवं नगर क्षेत्र की बात करें तो यहां सितंबर 2018 को शासन को भेजी गई संख्या के अनुसार बच्चे आठ हजार से अधिक थे, जो अब बढ़ने की उम्मीद है। सितंबर 2018 में मवाना देहात के 72 प्राइमरी स्कूलों 5659 व 38 जूनियर स्कूल में 1670 बच्चे थे। नगर क्षेत्र के 13 प्राइमरी स्कूल में यह संख्या 796 एवं 3 जूनियर में 93 में थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार यह संख्या 8218 से बढ़कर नौ हजार के करीब पहुंचने की संभावना है। यूनिफार्म वितरण के लिए एक सप्ताह बचा है। ऐसी स्थिति में इतने बच्चों के लिए यूनिफार्म का कपड़ा खरीदना, बच्चों की माप लेना और फिर सिलाई तथा वितरण एक सप्ताह में कैसे होगा।
जल्द बीएसए से मिलेंगे
यूनिफार्म वितरण में शर्त लगा देने से परेशान शिक्षक अब बीएसए से मुलाकात करने का मन बना रहे हैं। उनके अनुसार जिन स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है। वहां यूनिफार्म के लिए टेंडर छोड़े जाने की प्रक्रिया अपनायी। हालांकि वहां भी कोई फर्म टेंडर डालने नहीं पहुंची। इससे परेशान शिक्षक एक-दो दिन में बीएसए व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
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सूती कपड़ा अच्छा होता है। इसलिए सरकार ने बच्चों की भलाई के लिए सूती कपड़ा खरीदने के निर्देश जारी किए हैं। कपड़े की व्यवस्था जल्द कर ली जाएगी। -सतेंद्र ढाका, बीएसए मेरठ
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