- मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी के माइक पकड़ते ही भाजपा पार्षद बोले...पास-पास
- हल्ला मचा और तुरंत ही राष्ट्रगान शुरू कराकर बोर्ड बैठक की प्रक्रिया को पूरा कराया
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम का 1831 करोड़ रुपये का मूल बजट सोमवार को बोर्ड बैठक में बिना किसी चर्चा के पास कर दिया गया है। मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव ने जैसे ही बजट के बारे में बताने के लिए माइक थामा, भाजपा पार्षदों ने पास-पास के नारे लगा दिए। इसके बाद तुरंत राष्ट्रगान शुरू कराकर बोर्ड बैठक की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बैठक के एजेंडे में शहर के विकास कार्यों पर चर्चा न होने पर एआईएमआईएम के पार्षद फजल करीम और मुस्लिम लीग के पार्षद रिजवान अंसारी ने बैठक का वॉकआउट कर दिया। भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ ने महापौर से कहा कि ऐसी बैठक करनी है तो उन्हें ना बुलाया जाए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने जवाब दिया कि यह बजट कार्यकारिणी बैठक में पहले ही पास हो चुका था। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में इसे केवल रखना होता है और पार्षदों ने सर्वसहमति से बजट पास किया है।
नगर निगम ने बोर्ड बैठक सोमवार सुबह 11:00 बजे चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाषचंद्र प्रेक्षागृह में आयोजित की थी। भाजपा-विपक्ष के 100 पार्षदों में से केवल 50 पार्षद ही बैठक में पहुंच पाए थे। करीब 30 मिनट इंतजार के बाद वंदे मातरम् गीत के साथ बैठक शुरू हुई और पांच मिनट में समाप्त हो गई। बैठक का एजेंडा सिर्फ मूल बजट पर चर्चा करना था।
पार्षदों की आपत्ति, विकास पर चर्चा क्यों नहीं
मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी ने बजट पढ़ना शुरू भी नहीं किया था कि पार्षदों ने बजट पास-पास के नारे लगा दिए। विपक्ष पार्षद फजल करीम की भाजपा पार्षदों से तीखी बहस हुई। इसके बाद वह अपने साथी पार्षद रिजवान अंसारी के साथ बैठक से उठकर चले गए। भाजपा पार्षदों ने स्पष्ट किया कि बजट पर कोई चर्चा नहीं होगी। राष्ट्रगान शुरू होने के बाद बैठक समाप्त कर दी गई। राष्ट्रगान के बाद भाजपा के पार्षद अनुज वशिष्ठ और महापौर में बहस हुई। पार्षद ने कहा, ऐसी बैठक करनी है तो उन्हें ना बुलाया जाए। महापौर ने सर्वसहमति से बजट पास होना बताया। इस पर अनुज वशिष्ठ भी वहां से चले गए।
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