मेरठ। महानगर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कूड़ा उठाने, निस्तारण करने और कूड़े के पहाड़ में लगी आग आग बुझाने में निगम नाकाम साबित हो रहा है। लोहियानगर में चार दिन से लगातार कूड़े में आग लग रही है। दुर्गंध के कारण 50 लाख की आबादी का सांस लेना दुश्वार हो रहा है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने निगम अधिकारियों ने लोहियानगर में पहुंचकर निरीक्षण किया और कूड़े के पहाड़ मेें लगी आग ने बुझने पर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना है कि बिना सफाई व्यवस्था ठीक करे, स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-10 की लिस्ट में मेरठ निगम शामिल हो जाए, इसके लिए अधिकारी तिकड़म भिड़ा रहे हैं।
शहर में जगह-जगह गंदगी की ढेर लगे हैं। अनुबंध की शर्त पर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं कराया जा रहा है। जिसको लेकर तीन दिन पहले महापौर हरिकांत अहलूवालिया व नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। निलंबन की बहाली के बाद तीन महीने में सुधार करने वाली कंपनी अपनी शर्तों पर खरी नहीं उतरीं तो वहीं, नगर निगम भी उनकी मॉनीटरिंग करने में फिसड्डी रहा। शहर में 90 वार्डों से कूड़ा नहीं उठ रहा है, इसके बावजूद निगम द्वारा प्रतिमाह 2.40 करोड़ का भुगतान कंपनी को किया जा रहा है। लोहियानगर में कूड़ा निस्तारण करने के लिए एनवायर आर्गेनिक वर्क्स एंड सप्लायर्स कंपनी को निगम प्रतिमाह 11 लाख रुपया देता है। इसके अलावा 10 लाख से ज्यादा खुद खर्च उठाता हैं। खाली बेल्ट घुमाकर कंपनी कूड़ा प्लांट चला रही थी, इसका खुलासा होने पर नगर आयुक्त ने 21 लाख का जुर्माना कंपनी पर लगाया था। जिसके बाद भी बिना अनुबंध के उक्त कंपनी द्वारा निगम काम भी कराता रहा।
अब कंपनी डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता ने नगर निगम को एक पत्र लिख दिया है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग वरिष्ठ प्रभारी और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने लोहियानगर में 600 मीट्रिक टन कचरे की तुलाई के लिए धर्मकांटा नहीं लगवाया, जाली नहीं लगवाई, पोपलेन-जेसीबी नहीं दी। एक साल से भुगतान पैसा नहीं दिया। गढ़ रोड स्थित गांवड़ी में कूड़ा प्लांट लगाने के लिए एनटीपीसी और निगम के बीच अनुबंध हुआ। सात माह बीतने के बावजूद निगम ने अनुबंध की शर्तों पर काम नहीं किया।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि लोहियानगर में एनवायर कंपनी ने काम नहीं किया और भुगतान की फाइल लगातार बनती रही। कंपनी काम करती तो शायद कूड़े के पहाड़ खत्म हो जाते। लोहियानगर में कूड़ा प्लांट का निरीक्षण किया और सुलगती आग को टीम लगाकर पूरी तरह बुझवाया गया।
एमआरएफ सेंटर देने पर पार्षद नाराज
नगर निगम ने बिजेंद्र एनर्जी कंपनी को एमआरएफ सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी है। बिजली से लेकर सभी व्यवस्था निगम करेगी। उक्त कंपनी कूड़े के सेग्रीगेशन के बाद साम्रगी खुद बिक्री करेगी। नौचंदी मेले को देखते हुए यह एमआरएफ सेंटर गांवड़ी और सरस्वती लोक के पास लगाए जा रहे है। निगम की बोर्ड बैठक में पास कराए बगैर उक्त कंपनी को एमआरएफ सेंटर दिए गए है, इसको लेकर पार्षदों में चर्चा है।