10.8 किलोमीटर होगा निर्माण, अगस्त माह में बरसात शुरू होते ही कार्य हो गया था बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के कई गांवों को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के लिए 73 करोड़ की परियोजना से गंगा के तटबंध का निर्माण कार्य चल रहा था जो बरसात शुरू होते ही अगस्त महीने में बंद हो गया था। अब गंगा का पानी कम होते ही एक बार फिर तटबंध के निर्माण का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा शुरू कराया गया है।
खादर क्षेत्र के करीब 12 गांवों को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के लिए 73 करोड़ रुपये की परियोजना से मुजफ्फरनगर-मेरठ की सीमा पर गांव खेड़ा मजादपुर से मनोहरपुर गंगा घाट तक 10.8 किलोमीटर तक गंगा के तटबंध का निर्माण कार्य होना था। अप्रैल 2025 में कार्य शुरू हुआ और अगस्त तक चला। इस दौरान करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। इसके बाद बारिश शुरू हो गई और कार्य प्रभावित हो गया। इसे देखते हुए तटबंध निर्माण का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा बंद करा दिया गया था।
करीब तीन माह तक निर्माण कार्य बंद रहने के बाद एक बार फिर तटबंध का निर्माण कार्य शुरू हो गया है जो सिरजेपुर गांव के समीप चल रहा है। दोबारा शुरू हुए कार्य में पिछले करीब 10 दिनों में दो किलोमीटर तक तटबंध का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें कुल मिलाकर सात किलोमीटर का तटबंध निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि तटबंध का निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। 10.8 किलोमीटर का तटबंध कार्य पूर्ण होने के बाद खादर क्षेत्र के कई गांवों को बाढ़ से राहत मिलेगी।
तटबंध बनने से नुकसान से बचाव
गत अगस्त महीने में जिन गांवों के समीप तटबंध का निर्माण कार्य पूरा हो गया था उन गांव में इस बार बाढ़ का नुकसान नहीं हुआ। तटबंध ने उन्हें बाढ़ से सुरक्षित बचा लिया। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग में अधूरे तटबंध का निर्माण शुरू कर दिया है।
क्षतिग्रस्त तटबंध कराया जाएगा दुरुस्त
निर्माणाधीन तटबंध जो बारिश के कारण कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गया था। उसे भी दुरुस्त कराया जा रहा है। तटबंध की सुरक्षा के लिए मरम्मत का कार्य लगातार चलता रहेगा।
जल्द पूरा होगा तटबंध का निर्माण
अभी करीब 3.8 किलोमीटर तटबंध का निर्माण अधूरा है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है। जल्द ही तटबंध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -प्रमोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग