निगम की गोशाला का हाल... 650 की क्षमता, इनमें 1100 गोवंश
मेरठ। नगर निगम ने भूड़बराल में गोशाला की व्यवस्था की है, लेकिन यहां गोवंशों के आश्रय और संरक्षण का हाल जानकर हैरानी होगी। इस गोशाला की क्षमता 650 गोवंश रखने की है, लेकिन यहां 1100 गोवंश रखे गए हैं। अब अन्य गोवंश के लिए यहां जगह ही नहीं बची है। यही कारण है कि आश्रय न मिलने से आवारा पशु सड़कों पर कहीं भी झुंड में मिल जाएंगे। यही सड़क हादसों और जानलेवा घटनाओं का कारण बनते हैं।
निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि पिछले साल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने शहर में 896 बेसहारा गोवंश होने की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, लेकिन अब गोवंश की संख्या बढ़ चुकी है। देहात में भी गोशाला की कमी है। अब परतापुर और भूड़बराल गोशाला की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अखिलेश गर्ग का कहना है कि देहात में ब्लॉक स्तर पर गोशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। खरखौदा के गांव नंगलापातू में 250 गोवंश की क्षमता वाली गोशाला का निर्माण काय्र शरू किया गया है। इसके अलावा बिजौली में 50 गांवेश, परीक्षितगढ़ के गांव नीमका, सरधना के नानू, जंगेठी, रोहटा आदि क्षेत्रों में गोशालाएं बनाई जाएंगी।
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पशुओं पर लगाएं लगाम, नहीं तो होगा आंदोलन
- भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसान दिवस की बैठक में आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चेतावनी दी कि अफसर नहीं जागे तो कलक्ट्रेट से ब्लॉक मुख्यालय तक पशु बांधकर आंदोलन होगा।
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गेहूं की फसल हो रही प्रभावित
- पाबली खुर्द निवासी जोगेंद्र सिंह ने कहा कि इन पशुओं के कारण गेहूं की फसल पर भी असर पड़ रहा है। अन्य फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
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नहीं चलाया अभियान
- दबथुवा निवासी राम बोस ने बताया कि अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद अभियान नहीं चलाया गया।
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एसडीएम से मांग...जिंदगियों और फसलों को बचाएं
मवाना। हस्तिनापुर ब्लॉक के गांव पाली के लोगों ने एसडीएम अखिलेश यादव को ज्ञापन देकर कहा कि इन पशुओं से जिंदगियां और फसलों को बचाया जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि आवारा पशुओं पर रोक लगाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई कराई जाए। कोई भी व्यक्ति पशु छुट्टा छोड़ता है तो उस पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रधान सरिता, प्रधान पति लोकेंद्र, दयाराम, पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, धर्म सिंह आदि थे।
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