ठेकेदार की मौत का मामला...खुदकुशी के जिम्मेदार बताए दिनेश सिंह पर केस दर्ज, जांच शुरू
मेरठ। ठेकेदार नरेश कुमार ने सुसाइड नोट में दिनेश सिंह नाम के शख्स को जिम्मेदार बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने दिनेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि इस नोट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दिनेश से नरेश कुमार का विवाद या रंजिश किस बात को लेकर थी। पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। दिनेश सिंह मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और शव के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों के बयान लेकर आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी एक टीम का गठन कर दिया गया है।
इस घटना ने निगरानी व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। इस होटल के पास में ही आबूलेन पुलिस चौकी है। होटल में भी रातभर स्टाफ के चेकिंग के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद नरेश कुमार तमंचे के साथ होटल के कमरे में पहुंचे गए और फिर रात में कनपटी पर गोली मारकर जान भी दे दी। इसके बाद न तो होटल के स्टाफ ने तमंचे सहित प्रवेश से रोका और न ही गोली की आवाज भी होटल से चौकी तक किसी को सुनाई दी। सर्द मौसम में रातभर नियमित चेकिंग का दावा करने वाली पुलिस की लापरवाही भी इस घटना से उजागर हो रही है। पुलिस के आला अफसरों ने भी नए साल को देखते हुए रात के समय सड़कों और होटलों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए थे। होटल में कई लोग रात में रुके हुए थे। इन लोगों को भी घटना के बारे में बाद में ही पता चला। स्टाफ या पुलिस सजग होती तो रात में ही वारदात का पता चल सकता था।
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मातम में बदलीं नए साल की खुशियां
नए साल की खुशियां मातम में बदल गईं। नए साल पर नरेश कुमार ने परिवार से कई वादे किए थे, लेकिन उनकी खुदकुशी से परिजन भी हैरान रह गए।
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मेजर हैं नरेश कुमार के साले वैभव
- सुसाइड नोट में मेजर साब का भी जिक्र किया गया। मेरठ कॉलेज से पढ़े नरेश कुमार के साले वैभव कुमार आर्मी में मेजर के पद पर तैनात हैं। जैसे ही उनको घटना के बारे में पता चला तो वह भी में मेरठ के लिए रवाना हो गए।
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बहन के घर गए थे नरेश कुमार, पर्ची देने की रही चर्चा
पुलिस ने बताया कि मौके पर यह भी चर्चा रही कि बहन के यहां नरेश कुमार एक पर्ची देकर गए थे और कहा था कि एक जगह सोना रखा है, पर्ची दिखाकर इस सोने को छुड़ाकर लेकर आना। वहीं, बहन को कुछ कागजात भी दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद परिजनों से इस बारे में भी बातचीत की जाएगी।
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पत्नी हैं सीए, नोएडा में रह रहा परिवार
- नरेश की पत्नी स्वाति सीए हैं। नरेश पत्नी और दो बच्चों के साथ नोएडा में रह रहे थे। रविवार रात साढ़े आठ बजे होटल में रुके थे। सोमवार सुबह जब सफाई कर्मचारी ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे स्टाफ ने फिर से दरवाजा खटखटाया तो भी हलचल नहीं हुई। इसके बाद होटल स्वामी नरेंद्र सिंह को बुलाया गया। उन्होंने आबूलेन चौकी प्रभारी को सूचना दी तो वह होटल पहुंच गए। वीडियोग्राफी करते हुए दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला तो नरेश मलिक बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े थे।
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दाएं हाथ में था तमंचा, मेज पर सुसाइड नोट
नरेश के दाएं हाथ में तमंचा था, जबकि पास में ही खोखा था। गोली सिर को पार करते हुए बाहर निकल गई थी। कमरे की जांच की तो एक सुसाइड नोट मेज पर रखा था, जबकि दूसरा उनकी जेब में था। इसमें दिनेश नाम के व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया। साथ ही तीन नंबर भी लिखे थे, जिसमें से एक पत्नी, एक साले और एक मामा का था। पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद शव को मोर्चरी के लिए भेज दिया। सदर बाजार इंस्पेक्टर देव सिंह रावत का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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नए साल के पहले दिन ही लिखा था
सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर भी हैं। नए साल के पहले दिन ही सुसाइड नोट लिखा गया। रविवार रात 8 बजे कमरा लिया गया। यहां आने के कुछ देर बाद ही यह सुसाइड नोट लिखा। नरेश आत्महत्या के इरादे से ही होटल में तमंचा लेकर पहुंचे थे। होटल में रुकने के बाद जब स्टाफ ने खाने का ऑर्डर पूछा तो उन्होंने इससे मना कर दिया। रविवार रात करीब 11:30 बजे होटल स्टाफ से पेन मांगा और फिर कमरा बंद कर लिया।
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तीन महीने पहले हुई थी बेटी
- परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीन महीने पहले ही नरेश को बेटी हुई थी। पत्नी स्वाति बार-बार कहती रही- मुझे और बच्चों को छोड़कर कहां चले गए।
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दोस्त से मिलने आया था मेरठ
- बहन से मिलने के बाद वह अपने दोस्त से मिलने के लिए मेरठ आया था। मेरठ में किस दोस्त के पास कब और क्यों आया था। इस बिंदू पर पुलिस जांच कर रही है। यह दोस्त कौन है इसकी जांच पुलिस सर्विलांस के माध्यम से सीडीआर निकालकर कर रही है।
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नियोन स्टील में नौकरी करता है दिनेश
सुसाइड नोट में नरेश ने लिखा कि मेरी हत्या का कारण दिनेश सिंह है, जो नियोन स्टील में नौकरी करता है और जेवीटीएस गार्डन छतरपुर में रहता है। दिनेश सिंह कानपुर का निवासी है। दिनेश सिंह ने मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। दिनेश के पास जापान का वीजा है वह देश छोड़कर भाग सकता है। मृतक ने बेटे वेदांत से माफी मांगी है। साथ ही तीन मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। जिन पर कॉल कर सूचना करने को कहा है। लिखा है कि दिनेश सिंह को सजा जरूर दिलाई जाए। अंत में यह भी लिखा- मोंटू मैं हमेशा साथ हूं, बच्चों का ध्यान रखना। इसके बाद सॉरी लिखकर छोड़ दिया।
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शराब की बोतल भी मिली
सुसाइड नोट के अलावा पुलिस को कमरे में शराब की बोतल, सिगरेट का पैकेट और कुछ अन्य सामान भी मिला। पुलिस का मानना है कि आत्महत्या से पहले नरेश ने शराब पी होगी और फिर तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। फोरेंसिक टीम ने तमंचे के फिंगर प्रिंट भी लिए हैं। जांच के लिए फोरेंसिक लैब तमंचा भेजा जा रहा है।
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