मेरठ शहर को जाम से छुटकारा दिलाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसके तहत दिल्ली रोड स्थित परतापुर और मवाना रोड स्थित सलारपुर में कंटेनर डिपो बनाने की तैयारी है। शहर के अंदर भारी वाहनों को रोकने और छोटे वाहनों द्वारा आसानी से फैक्टरी तक सामान पहुंचाने के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान के लिए अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) ने सर्वे किया है। अब कमिश्नर की अध्यक्षता में 8 जून को स्टेक होल्डर्स की बैठक में सुझाव लिए जाएंगे।
19 विभागों से मांगे गए सुझाव
मेडा के टाउन प्लानर विजय कुमार सिंह ने बताया कि फ्रेट कॉरीडोर, रैपिड रेल, मेट्रो आदि विकास परियोजनाओं के साथ ही शहर के चारों ओर एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाया जा रहा है। विकास परियोजनाओं के तहत आने वाले समय में बढ़ती जनसंख्या के सापेक्ष जरूरत और सुविधाओं के तहत सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके नोडल मेडा ने 19 विभागों से सुझाव मांगे हैं कि किस तरह से शहर को और बेहतर बनाया जा सकता है। इसमें यातायात, परिवहन, पर्यटन, शिक्षा, हाईवे, रिंग रोड, रैपिड, मेट्रो आदि प्रोजेक्ट को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
ये देंगे सुझाव फिर लगेगी मुहर
उन्होंने बताया कि 8 जून को कमिश्नर की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में स्टेक होल्डर्स की बैठक होगी, इसमें सिटी लॉजिस्टिक प्लान ड्राफ्ट का प्रदर्शन किया जाएगा। नगर आयुक्त, सीएमओ, एसपी सिटी, सब एरिया कमांडर, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक, यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी, सीजीएसटी के आईआरएस राहुल कुमार यादव, एनएचएआई के परियोजना निदेशक, दौराला, खरखौदा, परतापुर सिटी व कैंट स्टेशन के अधीक्षक, यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के परियोजना प्रबंधक, एमएसएमई के प्रधान निदेशक, बीएसए, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी समेत 35 स्टॉक होल्डर बैठक में विचार रखेंगे। इन पर मंथन के बाद सीएलपी को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ये हैं शहर के प्रमुख उद्योग
खेल, कपड़ा, आभूषण, कैंची, बैंडबाजा।
यह है प्रस्तावित
1. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का स्टेशन।
2. रैपिड रेल (रात के समय फ्रेट के लिए भी उपयोग प्रस्तावित)
3. परतापुर और सलारपुर(कंटेनर डिपो प्रस्तावित)