एक साल से बगैर कार्यकारिणी चल रही शहर की सरकार
मेरठ। शहर की सरकार बीते एक साल से बिना कार्यकारिणी के ही चल रही है। जिसकी वजह से शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। नगर निगम की कार्यकारिणी पूर्ण न होने की वजह से निगम एक्ट का भी उल्लंघन किया जा रहा है। कार्यकारिणी चुनाव के लिए कई बार मांग उठ चुकी, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। महापौर ने इसका दोषी निगम के अधिकारियों को बताया है।
नगर निगम कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हुए एक साल बीत चुका। कार्यकारिणी के 6 सदस्यों की पर्ची निकल चुकी, कुल मिलाकर कार्यकारिणी के 6 सदस्यों का चुनाव होना बाकी है। लॉकडाउन से पहले कार्यकारिणी चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो कोरोना के चलते स्थगित कर दी गई थी। पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि बगैर कैबिनेट के सदन की कोई गरिमा नहीं है। शहर के विकास पर भी कोई निर्णय नहीं किए जा सकते हैं। पार्षद गफ्फार अहमद का कहना है कि निगम कार्यकारिणी के चुनाव शीघ्र कराए जाने चाहिए। इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है।
नगर आयुक्त को पत्र लिखेंगे
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि हमने मार्च माह में ही निगम कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव की तिथि घोषित कर दी थी, लेकिन लॉकडाउन शुरू होते ही नगर आयुक्त ने चुनाव का कार्यक्रम स्थगित करा दिया। उसके बाद भी कई बार इस संबंध में नगर आयुक्त से वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने शासन की गाइडलाइन आने का इंतजार करने की बात कही। अब कार्यकारिणी चुनाव कराने को नगर आयुक्त को पत्र लिखा जाएगा।