उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सीनियर ईएनटी सर्जन से अभद्रता के मामले में बृहस्पतिवार को चीफ फार्मासिस्ट पर गाज गिर गई। उन्हें इमरजेंसी से हटाकर एआावी सेंटर पर तैनात कर दिया है। वहीं, उनके स्थान पर नीलम भटनागर को चार्ज दिया गया है। यह कार्रवाई प्रमुख अधीक्षक के स्तर से की गई है।
उधर, थाने में चिकित्सक द्वारा प्रार्थना पत्र दिए 18 दिन बीत गए परंतु एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जबकि ईएनटी सर्जन लिखकर दे चुके हैं कि इस प्रकरण के बाद से वह मानसिक वेदना से गुजर रहे हैं। उन्हें उच्च रक्तचाप और अनिद्रा की शिकायत हो गई है।
इस संबंध में एसओ देहली गेट रविंद्र सिंह का कहना है कि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इस मामले की जांच एसआई मुकेश कुमार कर रहे हैं। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित सर्जन डॉ. बीपी कौशिक का आरोप है कि इमरजेंसी में चीफ फार्मासिस्ट एके रस्तोगी ने उनके साथ अभद्रता की। इतना ही नहीं उसने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। महिला मरीज और महिला पुलिसकर्मी से भी दुर्व्यवहार किया था।
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उधर, इस मामले में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. हीरा सिंह ने कार्रवाई कर चीफ फार्मासिस्ट को इंमरजेंसी से हटाकर एआरवी सेंटर पर तैनात कर दिया। वहीं, इमरजेंसी में नीलम भटनागर को चार्ज दिया है।
मेडिकोलीगल की भी हो जांच
जिला अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में चिकित्सकों के 10-15 सालों से भी ज्यादा पुराने मेडिकोलीगल अभिलेख उचित रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं। इसकी जांच भी जरूरी है।
चीफ फार्मासिस्ट को इमरजेंसी से हटा दिया गया है। इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। जल्द ही महिला मरीज एवं महिला पुलिसकर्मी के बयान लिये जाएंगे।
- डॉ. हीरा सिंह, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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