28 फरवरी से लापता था, तीन मार्च को नंगलामल में नाले में मिला था मऊ का निवासी का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
माछरा। करीब एक सप्ताह पूर्व नंगलामल में नाले में मिले गांव मऊखास निवासी एवं मिल कर्मचारी दीपक की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके चलते पुलिस ने विसरा जांच के लिए लैब भिजवाया है। उधर, दीपक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण उसके परिजन भी परेशान हैं। उसकी मौत को लेकर परिजनों के जेहन में तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर दीपक की मौत वास्तव में हादसा है या फिर कुछ और है। परिजनों का कहना है कि पुलिस पीएम रिपोर्ट को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
थाना मुंडाली क्षेत्र के गांव मऊखास निवासी दीपक पुत्र सुभाष सिंह का शव तीन मार्च को गांव नंगलामल में नाले में पड़ा मिला था। दीपक नंगलामल शुगर मिल में नौकरी करता था। वह 28 फरवरी से लापता था। उसकी गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी थी। पहले संदिग्ध परिस्थितियों में दीपक का लापता होना और फिर उसका शव नाले में मिलना परिजनों के लिए उलझन बना हुआ है। पुलिस दीपक की मौत को हादसा बता रही है जबकि स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
पुलिस के अनुसार अभी तक की गई जांच पड़ताल में चिकित्सकों ने सिर्फ इतना ही बताया है कि उसके पेट में पानी भरा पाया गया है। जिससे संभावना जताई जा रही कि पानी में डूबने के कारण ही उसकी मौत हुई है। पुलिस के अनुसार चिकित्सकों का यह तर्क स्पष्ट रूप से नहीं है। इसलिए पुलिस ने दीपक के शव का विसरा सुरक्षित जांच के लिए लैब भिजवाया है। वहीं परिजनों का कहना है कि जब तक दीपक की मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल जाता वह शांत नहीं बैठेंगे। सिर्फ रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। दीपक के पिता सुभाष सिंह का कहना है कि वह पुलिस की बातों पर विश्वास नहीं करेंगे।
सीओ किठौर प्रमोद सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उसके फेफड़ों में पानी भरा हुआ बताया गया है लेकिन उससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। इसलिए विसरा जांच के लिए भिजवाया है। जिसकी रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही दीपक की मौत का स्पष्ट कारण पता चल पाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।